कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को रोजगार देने का दावा तो कर रही है, लेकिन वास्तविकता में बेहद कम लोगों को इसका लाभ मिला है। कांग्रेस नेता के अनुसार, करीब 24 लाख युवाओं के पंजीकरण के मुकाबले केवल 15 हजार लोगों को ही रोजगार मिलने की बात सामने आई है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं ने रोजगार की उम्मीद में HKRN में अपना पंजीकरण कराया था। सरकार की ओर से इस व्यवस्था को युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम बताया गया, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि पंजीकृत युवाओं की तुलना में रोजगार पाने वालों की संख्या बेहद कम है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार की रोजगार नीति पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के बजाय सरकार आंकड़ों और घोषणाओं के जरिए अपनी उपलब्धियां गिना रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं और उन्हें स्थायी तथा सम्मानजनक रोजगार के अवसर चाहिए। पार्टी ने सरकार से HKRN के माध्यम से रोजगार पाने वाले युवाओं की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से 19 अगस्त को प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए सरकार से रोजगार से जुड़े आंकड़ों पर जवाब मांगा जाएगा और युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
वहीं, इस राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच HKRN के जरिए रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या और प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा और जोर पकड़ सकता है।
फिलहाल कांग्रेस ने सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। 19 अगस्त को होने वाले प्रदर्शन में रोजगार, भर्ती प्रक्रिया और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है।
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