करनाल में प्रशासनिक अधिकारी ने एक सरकारी स्कूल का अचानक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। SDM ने करीब 2 से 3 घंटे तक स्कूल में रहकर अलग-अलग व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से पढ़ाई को लेकर जानकारी ली और विद्यार्थियों से भी बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान स्कूल में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील और दूध की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति जानने के लिए SDM ने खुद दूध पीकर उसकी जांच की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन और पेय पदार्थ की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो।
अधिकारी ने स्कूल में कक्षाओं का जायजा लेने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई से संबंधित स्थिति भी देखी। उन्होंने बच्चों से सवाल पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर को समझने का प्रयास किया। शिक्षकों से स्कूल की पढ़ाई, उपस्थिति और विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान स्कूल परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, कक्षाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी देखा गया। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
SDM का यह औचक निरीक्षण करीब 2 से 3 घंटे तक चला। प्रशासन की ओर से इस तरह के निरीक्षण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना है।
अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन से कहा कि बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
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