हरियाणा के BJP नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी एक पार्टी कार्यक्रम के दौरान सामने आई। कार्यक्रम में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में राव इंद्रजीत सिंह ने उन्हें कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं मिलने को लेकर सवाल किया। उन्होंने सीधे पूछा कि जब उन्हें कार्यक्रम का आमंत्रण नहीं दिया गया तो क्या उनका यहां आना उचित है।
कार्यक्रम के दौरान राव इंद्रजीत सिंह की इस टिप्पणी के बाद वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर चला गया। उन्होंने अपनी बात रखते हुए पार्टी संगठन से जुड़े समन्वय और कार्यक्रमों में वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर नाराजगी जाहिर की।
राव इंद्रजीत सिंह हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं और दक्षिण हरियाणा में उनका प्रभाव माना जाता है। ऐसे में पार्टी के बड़े कार्यक्रम में उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताए जाने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने नितिन नवीन से कार्यक्रम के निमंत्रण को लेकर सवाल किया। उनकी बात सामने आने के बाद पार्टी के अंदर संगठन और नेताओं के बीच तालमेल को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
राजनीतिक कार्यक्रमों में वरिष्ठ नेताओं को निमंत्रण और मंच पर उनकी भूमिका को लेकर प्रोटोकॉल का विशेष ध्यान रखा जाता है। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी को पार्टी के भीतर बेहतर समन्वय की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि कार्यक्रम का निमंत्रण औपचारिक रूप से किस स्तर से भेजा जाना था और राव इंद्रजीत सिंह को आमंत्रित नहीं किए जाने के पीछे वास्तविक कारण क्या था। उनकी टिप्पणी के बाद पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर भी नजर रहेगी।
फिलहाल कार्यक्रम में सामने आया यह घटनाक्रम BJP के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। राव इंद्रजीत सिंह की सार्वजनिक नाराजगी के बाद पार्टी संगठन और नेताओं के बीच समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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