फरीदाबाद में बेसमेंट की खुदाई के बाद आसपास बने सात मकानों में दरारें आने का मामला सामने आया है। बारिश के बाद निर्माणाधीन तहखाने में पानी भरने से स्थिति और गंभीर हो गई। घरों में दरारें दिखाई देने के बाद प्रभावित परिवारों में दहशत का माहौल है। लोगों ने एहतियात के तौर पर मकानों को सहारा देने के लिए जैक लगाए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में बेसमेंट बनाने के लिए काफी गहराई तक खुदाई की गई थी। इसके बाद आसपास के मकानों की दीवारों और कुछ अन्य हिस्सों में दरारें दिखाई देने लगीं। बारिश होने के बाद बेसमेंट में पानी जमा हो गया, जिससे जमीन की स्थिति को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें अपने मकानों की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। जिन घरों में दरारें आई हैं, वहां रहने वाले लोग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। कुछ लोगों ने संभावित नुकसान को रोकने के लिए मकानों के कमजोर हिस्सों को जैक के सहारे संभालने का प्रयास किया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य और बेसमेंट की खुदाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी गहराई तक खुदाई करने से पहले आसपास के मकानों की सुरक्षा और मिट्टी की मजबूती का उचित आकलन किया जाना चाहिए था। लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
बारिश के बाद बेसमेंट में पानी भरने से निर्माण स्थल पर अतिरिक्त दबाव की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में विशेषज्ञों द्वारा मौके का निरीक्षण करना जरूरी माना जा रहा है। इंजीनियरिंग जांच से यह पता लगाया जा सकेगा कि मकानों में आई दरारों का संबंध बेसमेंट की खुदाई से है या किसी अन्य कारण से।
प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रभावित मकानों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए जा सकते हैं। लोगों की मांग है कि जब तक सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक निर्माण गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए।
सात मकानों में दरारें आने से स्थानीय परिवारों की चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि नुकसान की वास्तविक वजह क्या है और प्रभावित मकानों को सुरक्षित रखने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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