करनाल पुलिस वीरता पुरस्कार के लिए भेजेगी नरेश का नाम, श्रद्धालुओं को बचाते समय गई थी पूर्व सैनिक की जान

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Karnal News

करनाल पुलिस पूर्व सैनिक नरेश का नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। हाईटेंशन तार की चपेट में आए श्रद्धालुओं से भरे कैंटर के मामले में नरेश ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों को बचाने का प्रयास किया था। इसी दौरान उनकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।

बताया जा रहा है कि कैंटर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सवार थे और वाहन धार्मिक यात्रा के लिए जा रहा था। रास्ते में कैंटर हाईटेंशन बिजली की तारों के संपर्क में आ गया, जिसके बाद वाहन में करंट फैल गया और कई श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।

हादसे के दौरान पूर्व सैनिक नरेश ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोगों की मदद करने का प्रयास किया। उन्होंने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना श्रद्धालुओं को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी जान चली गई।

नरेश के इस साहस और मानवीय प्रयास को देखते हुए करनाल पुलिस ने उनका नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजने का निर्णय लिया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए उन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया।

हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची थीं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना में कई श्रद्धालु झुलस गए थे और उनका इलाज कराया गया।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कैंटर चालक की भूमिका की भी पड़ताल की। हादसे के कारणों और वाहन की स्थिति से जुड़े तथ्यों को जुटाने के बाद चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

पुलिस यह जांच कर रही है कि कैंटर चालक ने हाईटेंशन लाइन से जुड़े खतरे को नजरअंदाज किया था या घटना किसी अन्य परिस्थिति के कारण हुई। वाहन का रूट, सड़क की स्थिति और बिजली की लाइन की ऊंचाई जैसे पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

पूर्व सैनिक नरेश के परिवार और परिचितों में उनकी बहादुरी को लेकर गर्व के साथ-साथ गहरा दुख है। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपनी जान देकर कई लोगों को बचाने की कोशिश की और उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

स्थानीय लोगों ने भी नरेश के साहस की सराहना की है। लोगों का कहना है कि हादसे के दौरान किसी की मदद के लिए अपनी जान जोखिम में डालना बड़ी बहादुरी का काम है।

करनाल पुलिस की ओर से वीरता पुरस्कार के लिए नाम भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए घटना से जुड़े तथ्य, पुलिस रिपोर्ट और नरेश द्वारा किए गए बचाव प्रयासों का विवरण संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा।

वहीं, हादसे में घायल श्रद्धालुओं के उपचार और उनकी स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

कैंटर चालक के खिलाफ दर्ज केस की जांच आगे जारी रहेगी। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है।

नरेश की बहादुरी ने इस हादसे के बीच मानवता और साहस की मिसाल पेश की है। करनाल पुलिस द्वारा उनका नाम वीरता पुरस्कार के लिए भेजने का फैसला उनके योगदान को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच के साथ-साथ वीरता पुरस्कार के लिए नाम भेजने की प्रक्रिया पर काम कर रही है। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि नरेश के साहस को उचित सम्मान मिलेगा।

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