बारिश से गुरुग्राम की रफ्तार थमी, 5 KM तक वाहनों की कतार; कई शहरों में सड़कों पर भरा पानी

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Haryana Rain

हरियाणा में मानसून की बारिश ने एक बार फिर लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के 7 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि गुरुग्राम में सड़कों पर पानी भरने और यातायात का दबाव बढ़ने से करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे बने कि स्कूल बसों के साथ एंबुलेंस भी ट्रैफिक में फंस गईं। फरीदाबाद और सोनीपत में जलभराव के बीच कई वाहन बंद हो गए, जिन्हें लोगों ने धक्का देकर बाहर निकाला।

गुरुग्राम में बारिश शुरू होने के बाद प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई स्थानों पर पानी जमा होने के कारण वाहनों को निकलने में अधिक समय लगा और देखते ही देखते लंबी कतारें बन गईं।

करीब 5 किलोमीटर तक लगे जाम ने नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। कई वाहन चालक लंबे समय तक एक ही स्थान पर फंसे रहे।

सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब स्कूल बसें और एंबुलेंस भी ट्रैफिक जाम में फंस गईं। आपातकालीन वाहन का जाम में फंसना यातायात प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती बना।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई सड़कों पर जलभराव की स्थिति देखने को मिली। पानी जमा होने से वाहनों की गति बेहद धीमी हो गई और कुछ रास्तों पर यातायात का दबाव बढ़ गया।

फरीदाबाद में भी बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया। सड़कों पर पानी भरने से कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए।

कुछ जगह वाहन चालकों और आसपास मौजूद लोगों को पानी में उतरकर गाड़ियों को धक्का लगाना पड़ा। इससे बारिश के दौरान जल निकासी की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे।

सोनीपत में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। जलभराव के बीच कई वाहन आगे नहीं बढ़ पाए। सड़कों पर पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने के कारण वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।

प्रदेश के कुल 7 जिलों में बारिश होने की जानकारी सामने आई है। कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश ने तापमान और उमस से राहत दी, लेकिन शहरी क्षेत्रों में जलभराव ने परेशानी बढ़ा दी।

बारिश के दौरान सड़क पर जमा पानी वाहनों के इंजन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। अधिक पानी वाली सड़क से वाहन निकालने का प्रयास करने पर गाड़ी बीच रास्ते में बंद होने का खतरा बढ़ जाता है।

गुरुग्राम जैसे व्यस्त शहर में बारिश के समय कुछ प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ जाता है। एक जगह जलभराव या वाहन खराब होने से इसका असर आसपास के कई मार्गों पर दिखाई दे सकता है।

स्कूल बसों के जाम में फंसने के कारण बच्चों को घर पहुंचने में भी देरी हो सकती है। वहीं एंबुलेंस के लिए रास्ता उपलब्ध कराना ट्रैफिक पुलिस और वाहन चालकों दोनों के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए।

बारिश के बाद स्थानीय निकायों के सामने जल निकासी व्यवस्था को तेजी से सामान्य करने की चुनौती है। नालों और ड्रेनेज सिस्टम से पानी नहीं निकलने पर सड़कों पर लंबे समय तक जलभराव बना रह सकता है।

ट्रैफिक पुलिस को भी जाम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और जरूरत के अनुसार वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजने की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों और खेती को फायदा हो सकता है, लेकिन शहरों में पानी जमा होने की समस्या ने एक बार फिर बुनियादी ढांचे की तैयारियों पर ध्यान खींचा है।

लोगों को बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से बचने और अधिक पानी होने की स्थिति में वाहन आगे न ले जाने की सलाह दी जाती है। यात्रा से पहले स्थानीय ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेना भी उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल हरियाणा के 7 जिलों में हुई बारिश के बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में सबसे ज्यादा परेशानी यातायात और जलभराव को लेकर सामने आई है। गुरुग्राम में करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लगने से शहर की रफ्तार थम गई।

बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के सामने जलभराव और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने की चुनौती बनी रहेगी।

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