पंचकूला में अपनी मांगों को लेकर हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन (HEMSA) से जुड़े क्लर्कों ने शिक्षा विभाग के DSE कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारी कथित तौर पर पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था को चकमा देकर कार्यालय तक पहुंचे। यहां उन्होंने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बाद में अधिकारियों की ओर से डायरेक्टर से मुलाकात करवाने के आश्वासन के बाद कर्मचारी शांत हुए।
कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और विभाग के स्तर पर पहले हुई बातचीत में उनकी मांगों को लेकर लिखित आश्वासन दिए गए थे, लेकिन उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया।
इसी नाराजगी को लेकर बड़ी संख्या में HEMSA से जुड़े कर्मचारी पंचकूला पहुंचे। कर्मचारियों ने DSE कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर नारेबाजी की और मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन को देखते हुए कार्यालय परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कर्मचारी कार्यालय तक पहुंचने में सफल रहे।
DSE कार्यालय पहुंचने के बाद कर्मचारियों ने घेराव शुरू कर दिया। अचानक बड़ी संख्या में कर्मचारियों के पहुंचने से कुछ समय के लिए कार्यालय परिसर में गहमागहमी की स्थिति बन गई।
HEMSA के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इस संबंध में विभाग और सरकार के अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है।
कर्मचारियों का कहना है कि बातचीत के दौरान उन्हें केवल मौखिक आश्वासन नहीं, बल्कि कुछ मुद्दों पर लिखित भरोसा भी दिया गया था।
इसके बावजूद निर्धारित समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी। इसी कारण उन्हें दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर विभाग के डायरेक्टर से सीधे बातचीत करना चाहते हैं। शुरुआत में मुलाकात नहीं होने के कारण प्रदर्शन जारी रहा।
बाद में अधिकारियों ने कर्मचारी प्रतिनिधियों को डायरेक्टर से मिलवाने पर सहमति जताई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना घेराव समाप्त करने या आंदोलन को शांत करने का फैसला लिया।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात में लंबित मांगों, पहले दिए गए लिखित आश्वासनों और उन पर अब तक हुई कार्रवाई को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।
HEMSA पदाधिकारियों का कहना है कि केवल बैठक करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। विभाग को पहले किए गए लिखित वादों को तय समय सीमा में लागू करना चाहिए।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगों को लेकर फिर से केवल आश्वासन मिला और धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
शिक्षा विभाग में कार्यरत मिनिस्ट्रियल स्टाफ कार्यालयों के प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में कर्मचारियों का लंबे समय तक आंदोलन विभागीय कामकाज को भी प्रभावित कर सकता है।
प्रशासन के सामने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ कर्मचारियों और विभागीय अधिकारियों के बीच बातचीत सुनिश्चित करने की चुनौती रही।
कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विभागीय कामकाज बाधित करना नहीं, बल्कि लंबे समय से लंबित मांगों पर ठोस निर्णय करवाना है।
अब डायरेक्टर के साथ होने वाली बातचीत और विभाग की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर कर्मचारियों की नजर है। संगठन इसके बाद अपनी आगे की रणनीति तय कर सकता है।
फिलहाल पंचकूला में HEMSA से जुड़े क्लर्कों का DSE कार्यालय घेराव डायरेक्टर से मुलाकात करवाने की सहमति के बाद शांत हुआ है। कर्मचारियों ने पुराने लिखित वादे पूरे करने की मांग दोहराते हुए कार्रवाई नहीं होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी दी है।
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