हरियाणा में कमजोर पड़ा मानसून, 13 जिलों में तापमान 35°C के पार; हिसार सबसे गर्म, सितंबर की शुरुआत में राहत के आसार

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Haryana Weather

हरियाणा में मानसून की रफ्तार सुस्त पड़ने के साथ गर्मी और उमस एक बार फिर लोगों को परेशान करने लगी है। प्रदेश के 13 जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। हिसार सबसे गर्म शहर बना हुआ है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों के बीच 1 सितंबर से मौसम में बदलाव की संभावना जताई जा रही है, जिससे कई इलाकों में गर्मी से राहत मिल सकती है।

मानसूनी गतिविधियां कमजोर होने के कारण पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अच्छी बारिश नहीं हुई है। बादलों की आवाजाही के बावजूद कई क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना हुआ है।

बारिश में कमी का सीधा असर दिन के तापमान पर दिखाई दे रहा है।

प्रदेश के 13 जिलों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस का स्तर पार कर चुका है। हिसार में गर्मी का असर सबसे अधिक दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

दिन में तेज धूप के साथ उमस के कारण महसूस होने वाली गर्मी भी अधिक बनी हुई है। दोपहर के समय बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मानसून सीजन के दौरान आमतौर पर बादल और बारिश तापमान को नियंत्रित रखते हैं, लेकिन बारिश के बीच लंबा अंतर आने पर तापमान तेजी से बढ़ सकता है।

वातावरण में नमी अधिक होने के कारण तापमान बहुत ज्यादा न होने के बावजूद उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

किसानों की नजर भी मौसम की गतिविधियों पर बनी हुई है। खरीफ की फसलों के लिए इस समय बारिश महत्वपूर्ण होती है। जिन क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है, वहां किसानों को सिंचाई के दूसरे साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।

हालांकि ज्यादा या लगातार बारिश भी खेतों में जलभराव की समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में बारिश का वितरण खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा।

मौसम में 1 सितंबर से बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय होने की स्थिति में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, हवा चलने और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बन सकती है।

बारिश होने पर अधिकतम तापमान में गिरावट आने के साथ गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

हालांकि बारिश की तीव्रता और उसका क्षेत्रवार वितरण अलग-अलग हो सकता है। सभी जिलों में एक समान बारिश होना जरूरी नहीं है।

सितंबर की शुरुआत में मौसम बदलने की संभावना के कारण लोगों के साथ किसानों को भी राहत की उम्मीद है।

मानसून के अंतिम चरण की बारिश प्रदेश के जलस्तर और खरीफ फसलों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

दूसरी ओर जिन शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है, वहां अगले मौसम परिवर्तन तक गर्मी का असर बने रहने की संभावना है।

दिन में तेज धूप और उमस को देखते हुए लोगों के लिए पर्याप्त पानी पीना और लंबे समय तक सीधे धूप में रहने से बचना बेहतर रहेगा।

फिलहाल हरियाणा में मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के कारण गर्मी बढ़ गई है और 13 जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। हिसार सबसे गर्म शहर बना हुआ है। अब नजर 1 सितंबर से संभावित मौसम बदलाव पर है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तापमान में गिरावट के साथ राहत मिलने की उम्मीद है।

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