अंबाला में SHO कर्मवीर की गोली लगने से मौत, आज होगा पोस्टमॉर्टम; दो साल से संभाल रहे थे नग्गल थाना

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Ambala News

अंबाला में नग्गल थाना प्रभारी SHO कर्मवीर की गोली लगने से मौत के मामले में आज पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गोली उनके सीने के आर-पार हो गई थी, जिसके कारण एक्स-रे में गोली नहीं मिली। पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच से मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। कर्मवीर करीब दो साल से नग्गल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। SHO कर्मवीर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

गोली लगने के बाद उन्हें चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बताया जा रहा है कि डॉक्टरों द्वारा किए गए एक्स-रे में शरीर के अंदर गोली नहीं मिली। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि गोली सीने से आर-पार निकल गई थी।

हालांकि गोली किस दिशा से लगी, कितनी दूरी से चली और उससे शरीर के किन अंगों को नुकसान पहुंचा, इन सवालों के अधिक स्पष्ट जवाब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मिल सकते हैं।

मेडिकल विशेषज्ञ पोस्टमॉर्टम के दौरान प्रवेश और निकास घाव सहित अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सकीय पहलुओं की जांच करेंगे।

मामला पुलिस अधिकारी की मौत से जुड़ा होने के कारण फोरेंसिक साक्ष्य भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

घटनास्थल से बरामद हथियार, कारतूस या अन्य सामग्री की जांच से गोली चलने की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

बैलिस्टिक जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि गोली किस हथियार से चली थी। इसके अलावा घटनास्थल की फोरेंसिक जांच भी पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

SHO कर्मवीर पिछले करीब दो वर्षों से नग्गल थाने की कमान संभाल रहे थे। थाना प्रभारी के तौर पर वह क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और आपराधिक मामलों की जांच से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे थे।

उनकी अचानक मौत की खबर सामने आने के बाद साथी पुलिसकर्मियों और परिचितों में शोक है।

पुलिस अब घटना से पहले की परिस्थितियों की जानकारी भी जुटा सकती है। SHO ने आखिरी बार किन लोगों से बातचीत की, घटना के समय कौन-कौन मौजूद था और गोली चलने से ठीक पहले क्या हुआ, जैसे सवाल जांच में महत्वपूर्ण होंगे।

यदि घटनास्थल या आसपास CCTV कैमरे मौजूद हैं तो उनकी फुटेज की भी जांच की जा सकती है।

मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जरूरत पड़ने पर जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

पुलिस अधिकारी की गोली लगने से मौत जैसे संवेदनशील मामले में किसी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक और बैलिस्टिक रिपोर्ट का इंतजार महत्वपूर्ण है।

जांच एजेंसियां यह निर्धारित करेंगी कि गोली किन परिस्थितियों में चली और घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

फिलहाल अंबाला में नग्गल थाना प्रभारी SHO कर्मवीर की गोली लगने से मौत के बाद आज पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। गोली सीने से आर-पार निकलने के कारण एक्स-रे में नहीं मिलने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। करीब दो साल से नग्गल थाना संभाल रहे कर्मवीर की मौत की वास्तविक परिस्थितियां विस्तृत जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होंगी।

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