हिसार में पूर्व डिप्टी मेयर के साले पर चाकू से हमला, आरोपी गिरफ्तार; आज कोर्ट में पेश करेगी पुलिस

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Hisar News

हिसार के प्रताप नगर में गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद में पूर्व डिप्टी मेयर एवं मौजूदा पार्षद भीम महाजन के साले पर चाकू से हमला करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी को आज हिसार कोर्ट में पेश करेगी। मामले में छह धाराओं के तहत FIR दर्ज किए जाने की जानकारी है।

घटना बुधवार दोपहर प्रताप नगर की है। जानकारी के मुताबिक गली में खड़ी गाड़ी को हटाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद पड़ोसी युवक ने चाकू से हमला कर दिया।

हमले में मोहित घायल हो गए। उन्हें परिजन हिसार के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट में उन्हें ICU में भर्ती बताया गया था।

परिजनों के मुताबिक घटना से पहले आरोपी गली में खड़ी गाड़ी हटवाने के लिए घर पहुंचा था। उस समय परिवार के कुछ सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। गाड़ी हटाने को लेकर बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि कहासुनी के बाद आरोपी अपने घर गया और वहां से चाकू लेकर वापस आया। इसके बाद मोहित पर हमला किया गया। बीच-बचाव के दौरान एक अन्य व्यक्ति को भी चोट लगने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। आरोपी को पकड़ लिया गया और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य भी जांच में शामिल किए गए हैं।

अब पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करेगी। यदि जांच के लिए पुलिस रिमांड की जरूरत होती है तो जांच अधिकारी अदालत के समक्ष इसकी मांग कर सकते हैं। पुलिस पूछताछ में घटना की पूरी परिस्थितियों और विवाद की वजह को स्पष्ट करने का प्रयास करेगी।

इस मामले में घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। आसपास CCTV कैमरे उपलब्ध होने की स्थिति में उनकी फुटेज से भी विवाद और हमले के घटनाक्रम की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।

गाड़ी हटाने जैसे मामूली विवाद का हिंसक घटना में बदल जाना स्थानीय स्तर पर चिंता का विषय है। पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होगा कि हमला अचानक हुए झगड़े के दौरान किया गया या आरोपी कथित तौर पर हथियार लेकर किसी योजना के तहत वापस आया था।

फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है और उसे हिसार कोर्ट में पेश करने की तैयारी है। FIR में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा। गिरफ्तारी या FIR दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।

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