राजौरी में ड्यूटी के दौरान सिरसा के जवान सुखचैन सिंह का निधन, आज पैतृक गांव में राजकीय सम्मान से होगी अंतिम विदाई

3
Sirsa Soldier

सिरसा जिले के सेना के जवान सुखचैन सिंह का जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ड्यूटी के दौरान निधन हो गया। जवान के निधन की खबर पहुंचते ही परिवार के साथ पूरे पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को जवान का पार्थिव शरीर गांव लाया जा रहा है, जहां राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

सुबह से ही गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया है। ग्रामीणों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोग जवान को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। सेना और प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

जानकारी के अनुसार सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान उनकी जान चली गई। घटना की जानकारी सेना की ओर से परिवार को दिए जाने के बाद घर में मातम छा गया।

जवान के निधन की सूचना गांव में पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोग परिवार के घर पहुंचे। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सुखचैन सिंह ने सेना में रहते हुए देश सेवा को अपना कर्तव्य बनाया।

शुक्रवार को पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन कराए जाएंगे। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली जाएगी और निर्धारित स्थान पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों की ओर से सैन्य परंपरा के अनुसार श्रद्धांजलि दिए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है।

जवान को अंतिम विदाई देने के लिए सुबह से ही ग्रामीण एकत्र होने लगे हैं। गांव में देशभक्ति और शोक का माहौल है। स्थानीय लोग अंतिम यात्रा में शामिल होकर सुखचैन सिंह को श्रद्धांजलि देने की तैयारी कर रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर का राजौरी क्षेत्र सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और यहां सेना के जवान विभिन्न अग्रिम एवं संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। सुखचैन सिंह भी राजौरी में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में जवान के निधन की परिस्थितियों का विस्तृत आधिकारिक विवरण स्पष्ट नहीं है। इसलिए इसे किसी आतंकी घटना, मुठभेड़ या अन्य विशेष कारण से जोड़ना आधिकारिक पुष्टि के बिना उचित नहीं होगा।

सुखचैन सिंह के निधन ने परिवार और गांव को गहरे शोक में डाल दिया है। आज उनके पैतृक गांव में होने वाले अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। सेना और प्रशासन की मौजूदगी में उन्हें राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

Loading