हिसार में इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम संचालक की मौत के मामले में फाइनेंसरों पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। परिजनों का दावा है कि घटना से पहले कारोबारी पर पैसे देने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिवार के मुताबिक एक फाइनेंसर ने करीब एक घंटे के भीतर 27 बार फोन किया और ₹25 लाख नहीं देने पर बच्चों को किडनैप करने की धमकी भी दी गई। इन आरोपों की पुलिस जांच की जा रही है।
परिवार का कहना है कि शोरूम संचालक पिछले कुछ समय से पैसों के लेन-देन को लेकर परेशान चल रहा था। फाइनेंसरों की ओर से लगातार रकम चुकाने का दबाव बनाए जाने का आरोप है। घटना वाले दिन भी फोन आने का सिलसिला जारी रहा।
परिजनों के अनुसार करीब एक घंटे में 27 कॉल किए गए। दावा है कि आखिरी कॉल के लगभग 10 मिनट बाद कारोबारी की मौत की घटना सामने आई। परिवार का आरोप है कि लगातार फोन और कथित धमकियों के कारण वह काफी तनाव में था।
मामले में सबसे गंभीर आरोप बच्चों को किडनैप करने की धमकी से जुड़ा है। परिवार का कहना है कि ₹25 लाख नहीं देने पर बच्चों को उठा लेने की धमकी दी गई थी। पुलिस के लिए अब यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि ऐसी कोई धमकी वास्तव में दी गई थी या नहीं और इससे संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज या अन्य डिजिटल सबूत मौजूद हैं या नहीं।
मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड इस मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे घटना से पहले आए फोन की संख्या, समय और संबंधित नंबरों की जानकारी मिल सकती है। यदि किसी बातचीत की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है तो उसकी भी जांच की जा सकती है।
परिवार ने फाइनेंसरों पर कारोबारी को लगातार परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं यह भी जांच का विषय है कि दोनों पक्षों के बीच वास्तविक वित्तीय लेन-देन कितना था, कितनी रकम वापस की जा चुकी थी और ₹25 लाख की मांग किस आधार पर की जा रही थी।
घटना के बाद पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज और मोबाइल से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। संबंधित फाइनेंसरों की भूमिका और किसी तरह की आपराधिक जिम्मेदारी पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
शोरूम मालिक की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब आर्थिक लेन-देन, फोन कॉल, कथित धमकियों और घटना से ठीक पहले की गतिविधियों को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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