फर्जी मेडिकल बिलों से बीमा क्लेम लेने का आरोप, डॉक्टर पर केस दर्ज बीमा कंपनी की जांच में सामने आई अनियमितताएं 3.72 करोड़ के 368 दावों पर उठे सवाल

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सफीदों, (एस• के• मित्तल) : झूठे बीमा दावों के लिए कथित तौर पर फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड और बिल तैयार कर बीमा कंपनी से भुगतान लेने के आरोप में हरियाणा के भिवानी निवासी एक डॉक्टर के खिलाफ सफीदों सिटी थाना में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। सामान्य बीमा व्यवसाय से जुड़ी मेसर्स जूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के प्रमुख प्रबंधक महक प्रेमानी की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी की जोखिम नियंत्रण एवं हानि न्यूनीकरण टीम द्वारा किए गए परीक्षण और जांच के दौरान सफीदों स्थित एक अस्पताल के रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और डिस्चार्ज से संबंधित दस्तावेजों पर आरोपी डॉक्टर के नाम, हस्ताक्षर और मुहर का इस्तेमाल किया गया। इन रिकॉर्ड के आधार पर बीमा कंपनी के समक्ष विभिन्न मेडिकल क्लेम प्रस्तुत किए गए। शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि 30 जनवरी 2026 से 8 फरवरी 2026 के बीच आरोपी डॉक्टर स्वयं हरियाणा के भिवानी स्थित एक अस्पताल में विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए भर्ती था। इसके बावजूद इसी अवधि में सफीदों के अस्पताल के रिकॉर्ड में उसके नाम, हस्ताक्षर और मुहर के जरिए मरीजों के उपचार से संबंधित दस्तावेज तैयार किए जाते रहे। बीमा कंपनी ने इन परिस्थितियों को संदिग्ध मानते हुए पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। शिकायत के मुताबिक उक्त अवधि से संबंधित कुल 22.15 लाख रुपये के 16 बीमा दावे सफीदों के अस्पताल की ओर से कंपनी के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। इनमें से आठ दावे आरोपी डॉक्टर से संबंधित बताए गए हैं, जिन पर करीब 8.80 लाख रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है। मामले को और गंभीर बनाते हुए शिकायतकर्ता ने बताया कि संबंधित अस्पताल की ओर से बीमा कंपनी के समक्ष अब तक 3 करोड़ 72 लाख 31 हजार रुपये के 368 दावे प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इनमें से कंपनी द्वारा 2 करोड़ 81 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। बीमा कंपनी ने इन दावों में भी संभावित अनियमितताओं और व्यापक फर्जीवाड़े की आशंका जताई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि कथित फर्जी मेडिकल रिकॉर्ड और बीमा दावों को तैयार करने में कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कंपनी को कितना आर्थिक नुकसान हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

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