पानीपत में बंदरों का आतंक, युवती के सिर पर कूदा बंदर; गिरने से टूटा दांत, बाबरपुर मंडी में कई लोगों पर हमले का दावा

3
Panipat Monkey Attack

पानीपत : बाबरपुर मंडी क्षेत्र में बंदरों के बढ़ते हमलों से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। शुक्रवार को गुरु एचपी गैस एजेंसी संचालक गुरदास मौर्य की बेटी पर घर की छत पर बंदर ने हमला कर दिया। युवती वॉशरूम से बाहर निकली तो एक बंदर उसके सिर पर कूद गया। घबराकर वह कमरे की तरफ भागी तो बंदर ने गेट तक उसका पीछा किया। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

जानकारी के अनुसार घटना के समय युवती घर की छत पर बने वॉशरूम में गई थी। बाहर निकलते ही बंदर ने उस पर हमला कर दिया। इसी दौरान चार-पांच अन्य बंदर भी छत पर पहुंच गए। युवती ने किसी तरह कमरे के अंदर पहुंचकर गेट बंद किया।

परिवार के अनुसार हमले और बचने के प्रयास के दौरान युवती को चोटें आईं और गिरने से उसका एक दांत भी टूट गया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और डंडे दिखाकर बंदरों को वहां से भगाया। हालांकि कई बंदर काफी देर तक आसपास की छतों और गेट के पास मौजूद रहे।

गैस एजेंसी संचालक गुरदास मौर्य का कहना है कि समस्या केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं है। गैस सिलेंडर लेने आने वाले कुछ ग्राहकों पर भी बंदरों के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र में बंदरों को पकड़ने की व्यवस्था करने की मांग की है और इस संबंध में अधिकारियों को लिखित शिकायत भी दी है।

बाबरपुर मंडी निवासी रमन के मुताबिक शनिवार को भी क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं के पीछे बंदरों के दौड़ने की घटनाएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि उनके छोटे भाई पर भी बंदरों ने हमला किया, लेकिन वह घर के अंदर भागकर बच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि छत पर कपड़े सुखाने जाने वाली महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धर्मवीर बाइक एजेंसी के संचालक धर्मवीर शर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे मंदिर के पास एक युवक को बंदर ने काट लिया। उन्होंने डंडा लेकर बंदरों को भगाने का प्रयास किया, जिसके बाद वे आसपास की छतों से होते हुए दूसरी गली की तरफ चले गए।

बाबरपुर मंडी में बंदरों के हमले की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार अप्रैल में भी बच्चों और एक बुजुर्ग महिला पर बंदरों के हमले की घटनाएं हुई थीं। फरवरी में एक महिला के पीछे बंदर दौड़ने का वीडियो भी सामने आया था।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बंदरों के झुंड गलियों और मकानों की छतों पर घूमते रहते हैं। इसके कारण बच्चों को बाहर खेलने और बुजुर्गों को अकेले निकलने में डर लगने लगा है।

नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज यादव के अनुसार बंदरों को पकड़ने के बाद उन्हें छोड़ने के लिए उपयुक्त स्थान मिलने में समस्या आ रही है। इसी परेशानी के कारण इस काम से जुड़ी हिमाचल की ठेका कंपनी ने भी काम छोड़ दिया। निगम अब समस्या से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने की बात कह रहा है।

लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई करने और रिहायशी इलाके में घूम रहे बंदरों की समस्या का समाधान करने की मांग की है।

Loading