हिसार : सेक्टर-13 मार्केट में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन अभियान के दौरान नगर निगम की गाड़ी को रोकने, उसके शीशे तोड़ने और चालक से मारपीट के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने रविवार को नगर निगम सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू को नगर निगम कार्यालय से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और सुरेंद्र को ले जाने से रोकने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम रविवार को अचानक नगर निगम कार्यालय पहुंची। पुलिस सुरेंद्र उर्फ गोलू को अपने साथ ले जाने लगी तो वहां मौजूद सफाई कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ कर्मचारियों ने पुलिस का रास्ता रोकने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने विरोध कर रहे लोगों को पीछे किया और सुरेंद्र को गाड़ी में बैठाकर थाने ले गए।
यह कार्रवाई नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता (JE) नवीन कुमार की शिकायत पर दर्ज मामले में की गई है। नवीन कुमार ने पुलिस को बताया था कि वह वार्ड नंबर-14 में चल रहे डोर-टू-डोर सफाई अभियान के ओवरऑल इंचार्ज हैं।
शिकायत के मुताबिक कचरा उठाने वाली नगर निगम की गाड़ी HR-39G-6835 को चालक नरेंद्र कुमार सेक्टर-13 मार्केट क्षेत्र में लेकर गया था। अभियान के दौरान पुलिस सहायता भी उपलब्ध थी।
आरोप है कि इसी दौरान बाइक पर आए सुरेंद्र उर्फ गोलू, पवन दरोगा और उनके साथियों ने गाड़ी के आगे बाइक लगाकर उसका रास्ता रोक दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी के साथ बहस हुई।
JE की शिकायत के अनुसार इसी दौरान सुरेंद्र ने कथित तौर पर ईंट से सरकारी गाड़ी के शीशों पर वार किया। आरोप है कि गाड़ी के शीशे तोड़ने के बाद चालक नरेंद्र कुमार के साथ हाथापाई की गई और वाहन की चाबी भी छीन ली गई। गाड़ी के टायरों को नुकीली वस्तु से पंचर करने और धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर सुरेंद्र उर्फ गोलू, पवन दरोगा और अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(1), 132, 126(2), 304, 351(3), 3(5) तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संबंधित PDPP Act की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।
इससे एक दिन पहले शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के दौरान अलग-अलग स्थानों पर वाहनों को रोकने, ड्राइवरों से मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ की शिकायतें सामने आई थीं। मलिक चौक के पास हुई एक घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया था।
एक पीड़ित चालक ने शिकायत में आरोप लगाया था कि पारिजात चौक से कचरा कलेक्शन के लिए निकलने के बाद मलिक चौक के पास करीब 20 से 25 लोगों ने उसकी गाड़ी को घेर लिया। उसने गाड़ी का शीशा तोड़ने, नीचे उतारकर मारपीट करने, कपड़े फाड़ने और वाहन की चाबी व दस्तावेज छीनने के आरोप लगाए थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे थे। CCTV फुटेज की जांच के साथ क्षतिग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से थाने पहुंचाया गया था।
अब यूनियन प्रधान सुरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
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