नरेला में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद हत्याकांड का CCTV आया सामने, हथियार लेकर भागते दिखे हमलावर; शूटरों पर ₹50-50 हजार इनाम

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Narela Property Dealer Murder

नई दिल्ली/सोनीपत : दिल्ली के नरेला में सोनीपत के प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद की गोली मारकर हत्या के मामले में वारदात के बाद का CCTV वीडियो सामने आया है। फुटेज में दो संदिग्ध हमलावर हाथों में हथियार लेकर घटनास्थल से भागते दिखाई दे रहे हैं। कुछ दूरी पर उनका एक अन्य साथी बाइक लेकर पहुंचता है, जिसके बाद तीनों वहां से निकल जाते हैं।

सोनीपत के नाहरी गांव निवासी करीब 40 वर्षीय प्रमोद की 3 सितंबर को नरेला में जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों द्वारा कई राउंड फायरिंग किए जाने की बात सामने आई थी। गंभीर रूप से घायल प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद से परिवार और ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

सामने आए CCTV फुटेज में घटना के बाद एक संदिग्ध युवक चलते हुए और दूसरा तेजी से भागता दिखाई देता है। दोनों के हाथों में पिस्टल जैसे हथियार नजर आ रहे हैं। उन्हें देखकर आसपास मौजूद कुछ लोग वहां से पीछे हटते और भागते दिखाई देते हैं।

इसके बाद दोनों संदिग्ध सड़क की तरफ बढ़ते हैं। इसी दौरान बाइक पर उनका तीसरा साथी वहां पहुंचता दिखाई देता है। दोनों बाइक पर सवार हो जाते हैं और तीनों मौके से फरार हो जाते हैं। फुटेज में बाइक पर बैठने के बाद भी एक संदिग्ध के हाथ में हथियार दिखाई देता है।

पुलिस मामले में CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के हवाले से संदिग्ध हमलावरों की पहचान किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कथित शूटरों पर 50-50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया है।

हत्या के बाद प्रमोद के परिवार और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध किया था। शुक्रवार को नरेला में सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया गया। परिवार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ था।

शनिवार देर शाम सोनीपत के नाहरी गांव में इस मामले को लेकर पंचायत हुई। इसमें नाहरी, बाकनेर और आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए। दिल्ली पुलिस के रोहिणी DCP शशांक जायसवाल भी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे।

पंचायत के दौरान पुलिस अधिकारियों ने परिवार और ग्रामीणों को मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीणों के बीच आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा भी रही, लेकिन पुलिस की ओर से गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिवार प्रमोद का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हो गया। हत्या के करीब 75 घंटे बाद रविवार दोपहर अंतिम संस्कार किए जाने पर सहमति बनी।

मामले में पुलिस की कई टीमें संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका, वारदात में इस्तेमाल वाहन और हथियार समेत हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। संदिग्धों की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने के बाद ही वारदात से जुड़े पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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