आश्रम की जमीन पर कब्जे का आरोप, साध्वी समेत दर्जनभर लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

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Guru Brahmanand Ashram Safidon
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : सफीदों में गुरु ब्रह्मानंद आश्रम की जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद सामने आया है। मोरखी निवासी कृष्ण की शिकायत पर सफीदों शहर थाना पुलिस ने एक साध्वी समेत चार लोगों को नामजद करते हुए करीब दर्जनभर लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आरोपों में मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर स्वर्गीय रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के कथित फर्जी हस्ताक्षर किए और फर्जी वसीयत तैयार कर आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास किया। पुलिस को दी शिकायत में मोरखी निवासी कृष्ण ने बताया कि वह गुरु ब्रह्मानंद को अपना आराध्य तथा रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज को अपना गुरु मानता है। रामस्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज का सितंबर 2025 में निधन हो गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद जब भी वह गुरु ब्रह्मानंद आश्रम सफीदों में जाता था तो उसे वहां कुछ गड़बड़ी दिखाई देती थी। शिकायत में कहा गया है कि 1 मई 2026 को जब कृष्ण आश्रम पहुंचा तो वहां रविंद्र नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायतकर्ता के अनुसार रविंद्र ने उससे कहा कि अब यह आश्रम उनका है और उसे यहां आने की जरूरत नहीं है। आरोप है कि इस दौरान उसे एक रजिस्ट्री भी दिखाई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि इसके बाद उसने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। शिकायत के अनुसार उसे पता चला कि साध्वी संतोष देवी, सतपाल निवासी चुहड़माजरा, रणधीर सिंह निवासी राम कालोनी करनाल और रविंद्र निवासी दयानंद कालोनी करनाल समेत 7-8 अन्य लोगों ने कथित तौर पर मिलकर फर्जी वसीयत तैयार की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित वसीयत में रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और इस दस्तावेज का इस्तेमाल संपत्ति पर अनुचित लाभ प्राप्त करने तथा आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करने के उद्देश्य से किया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित वसीयत को सिविल जज एसडी हरिद्वार की अदालत में चल रहे एक मामले में इस्तेमाल किया गया। शिकायतकर्ता ने कथित वसीयत की तारीख और स्थान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उसके अनुसार वसीयत में 28 अगस्त 2025 को सुबह 11 बजे श्री जगत गुरु स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती आश्रम सफीदों में दस्तावेज तैयार किए जाने का उल्लेख है। वहीं शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी तारीख को रामस्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक करनाल के विर्क अस्पताल में भर्ती थे। शिकायतकर्ता ने अस्पताल से संबंधित दस्तावेजों का हवाला देते हुए कथित वसीयत की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं। कृष्ण ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि उसने रामस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज के हस्ताक्षरों की फोरेंसिक जांच करवाई है। शिकायतकर्ता के अनुसार जांच में कथित दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षरों को फर्जी पाया गया है। उसका आरोप है कि साध्वी संतोष देवी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दस्तावेज तैयार किए और उन पर रामस्वरूप ब्रह्मचारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर किए गए। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की गहनता से जांच करने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत के आधार पर सफीदों शहर थाना पुलिस ने साध्वी संतोष देवी, सतपाल निवासी चुहड़माजरा, रणधीर सिंह निवासी राम कालोनी करनाल और रविंद्र निवासी दयानंद कालोनी करनाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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