भिवानी में एक ही दिन 3 घरों में निकली गोह, स्टोर रूम से रसोई तक पहुंची मॉनिटर लिजर्ड; रेस्क्यू कर सुरक्षित छोड़ा

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Bhiwani Monitor Lizard

भिवानी : शहर और आसपास के क्षेत्र में तीन अलग-अलग घरों में मॉनिटर लिजर्ड (गोह) निकलने से लोगों में हलचल मच गई। एक गोह गांव कालुवास के मकान में मिली, जबकि दो अन्य भिवानी के महम गेट और सेक्टर-13 क्षेत्र के घरों में निकलीं। सूचना मिलने पर गो रक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुंचे और तीनों मॉनिटर लिजर्ड का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया।

गो रक्षा दल भिवानी के सदस्य कुकी परमार ने बताया कि सबसे पहले उन्हें गांव कालुवास स्थित एक मकान में गोह दिखाई देने की सूचना मिली थी। इसके बाद वह मौके पर पहुंचे और घर की जांच की। इस दौरान गोह मकान के स्टोर रूम में छिपी हुई मिली।

काफी सावधानी के साथ उसका रेस्क्यू किया गया। कुकी परमार के अनुसार कालुवास में मिली मॉनिटर लिजर्ड की लंबाई करीब साढ़े तीन फीट थी। उसे सुरक्षित पकड़ने के बाद आबादी से दूर उपयुक्त खुले स्थान पर छोड़ दिया गया।

इसके बाद भिवानी के सेक्टर-13 स्थित सरकारी स्कूल के पास एक मकान में भी मॉनिटर लिजर्ड दिखाई देने की सूचना मिली। टीम जब मौके पर पहुंची तो गोह घर की रसोई में मौजूद थी। इससे परिवार के सदस्यों में घबराहट की स्थिति बन गई थी।

कुकी परमार ने सावधानी से उसका रेस्क्यू किया। उनके मुताबिक सेक्टर-13 में मिली गोह की लंबाई करीब डेढ़ फीट थी। रेस्क्यू के बाद उसे भी सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

इसी तरह तीसरी घटना भिवानी के महम गेट क्षेत्र में सामने आई। यहां एक घर के कमरे में गोह घुस गई थी। परिवार के सदस्यों ने इसकी जानकारी रेस्क्यू करने वाले सदस्य को दी। मौके पर पहुंचकर कमरे में मौजूद करीब डेढ़ फीट लंबी मॉनिटर लिजर्ड को पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया और बाद में उसे उपयुक्त स्थान पर छोड़ दिया गया।

कुकी परमार ने लोगों से अपील की कि मॉनिटर लिजर्ड दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि गोह विषैली नहीं होती। हालांकि किसी भी जंगली जीव को पकड़ने या उसके बहुत करीब जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में सुरक्षित दूरी बनाकर संबंधित वन्यजीव विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना बेहतर है।

उन्होंने कहा कि वन्यजीव भी प्रकृति और पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए उन्हें नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कराया जाना चाहिए। तीनों घटनाओं में किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है।

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