बाबा राजपुरी डेरे की व्यवस्था संभालने के लिए आज बनेगी कमेटी, तहसीलदार को बनाया प्रशासक; महंत समेत 5 की गिरफ्तारी के बाद पंचायत

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Baba Rajpuri Dera

कैथल : जिले के गांव बाबा लदाना स्थित बाबा राजपुरी डेरे में साधु शिव शंकर पुरी की हत्या और मुख्य महंत दूजपुरी समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब डेरे की व्यवस्था को लेकर ग्रामीण आगे आए हैं। रविवार को गांव में पंचायत कर डेरा संभालने के लिए कमेटी गठित करने की तैयारी है। ग्रामीणों के बीच कमेटी बनाने को लेकर विचार-विमर्श हो चुका है और पंचायत में इसके सदस्यों के नामों की घोषणा किए जाने की संभावना है।

फिलहाल बाबा राजपुरी डेरे की व्यवस्था जिला प्रशासन की निगरानी में चल रही है। प्रशासन ने कैथल के तहसीलदार रविंद्र हुड्डा को डेरे का प्रशासक नियुक्त किया है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है।

प्रशासन की ओर से डेरे में मौजूद पशुओं की देखभाल के साथ वहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कमेटी के गठन के बाद प्रशासन की निगरानी में डेरे की रोजमर्रा की व्यवस्था को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है।

एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि वर्तमान में प्रशासन की ओर से डेरे की व्यवस्था संभाली जा रही है और इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। डेरे में पशुओं की देखभाल की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है।

ग्रामीण कृष्ण, दलवीर और विनोद के अनुसार पूरे गांव के लोगों के साथ विचार-विमर्श के बाद कमेटी बनाई जाएगी। ग्रामीण चाहते हैं कि डेरे की धार्मिक और अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चलती रहें तथा भविष्य में किसी तरह का विवाद पैदा न हो।

डेरे की व्यवस्था को लेकर यह कदम साधु शिव शंकर पुरी की हत्या के बाद उठाया जा रहा है। शिव शंकर पुरी का शव डेरे में बने विश्राम गृह में मिला था। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी। घटना की जानकारी फैलने के बाद बड़ी संख्या में अनुयायी और ग्रामीण डेरे पर पहुंच गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए CIA, एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ और सदर थाना पुलिस की टीमें जांच में जुटी थीं। पुलिस ने मुख्य महंत दूजपुरी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस जांच में आरोप लगाया गया है कि साधु शिव शंकर पुरी के साथ मारपीट की गई थी, जिससे उनकी मौत हुई। मामले में मुख्य महंत दूजपुरी की कथित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से गिरफ्तारी और जांच की कार्रवाई जारी है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

मुख्य महंत की गिरफ्तारी के बाद डेरे की रोजमर्रा की व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रशासक नियुक्त किया है। पशुशाला में मौजूद पशुओं की देखभाल भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनी हुई है।

अब ग्रामीणों की नजर पंचायत में गठित होने वाली कमेटी पर है। पंचायत में कमेटी के सदस्यों और पदाधिकारियों के नाम तय होने के बाद डेरे की व्यवस्था को आगे किस प्रकार संचालित किया जाएगा, इसकी रूपरेखा भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।

फिलहाल प्रशासन और पुलिस दोनों की डेरे पर नजर बनी हुई है। एक तरफ हत्या के मामले की जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक स्थल की व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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