कुरुक्षेत्र : शहर के LNJP सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार हवालाती सतिंद्र उर्फ कांति का दो दिन बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। उसकी गिरफ्तारी के लिए CIA के साथ जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। फरारी के बाद सामने आए CCTV फुटेज के आधार पर भी पुलिस उसके भागने के रास्ते और संभावित संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।
सतिंद्र के अस्पताल के कैदी वार्ड से फरार होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। CCTV फुटेज में वह पुलिस गार्द के साथ वॉशरूम की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वह पानी लेने के बहाने मौका पाकर वहां से निकल गया और अस्पताल के इमरजेंसी गेट की तरफ से फरार हो गया।
पुलिस के मुताबिक सतिंद्र को 1 सितंबर को ईशरगढ़ गांव में एक महिला के कान से बालियां झपटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि वारदात के बाद भागने के दौरान उसका पीछा कर रहे संदीप नामक व्यक्ति पर उसने ईंट से हमला भी किया था।
गिरफ्तारी के बाद उसकी मानसिक स्थिति और व्यवहार को देखते हुए उसे LNJP अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों की सलाह के बाद उसे अस्पताल के कैदी वार्ड में रखा गया, जहां पुलिस गार्द उसकी निगरानी कर रही थी।
पुलिस का अब दावा है कि आरोपी ने खुद को नुकसान पहुंचाने का दिखावा किया था और अस्पताल में भी मानसिक रूप से अस्वस्थ होने जैसा व्यवहार किया। हालांकि उसकी वास्तविक मानसिक स्थिति क्या थी और उसे अस्पताल में भर्ती रखने की परिस्थितियां क्या थीं, इसकी पूरी तस्वीर संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हवालाती के फरार होने के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कैदी वार्ड में उसकी निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी। वॉशरूम ले जाने और पानी लेने के दौरान उसे गार्द की निगरानी से निकलने का मौका कैसे मिला, इसे लेकर भी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
अस्पताल परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अस्पताल से बाहर निकलने के बाद सतिंद्र किस दिशा में गया और क्या फरार होने में उसे किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिली।
पुलिस के अनुसार सतिंद्र के खिलाफ कुरुक्षेत्र और करनाल में चोरी, छीनाझपटी, लड़ाई-झगड़े और मारपीट सहित विभिन्न आरोपों में कुल 11 मामले दर्ज हैं। इन मामलों में आरोपों का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
फरारी के बाद CIA और स्थानीय थाना पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। उसके परिचितों और संभावित संपर्कों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
दो दिन बीतने के बावजूद सतिंद्र के पुलिस की गिरफ्त में नहीं आने से अब उसकी तलाश तेज कर दी गई है। साथ ही अस्पताल के कैदी वार्ड से हुई इस फरारी में सुरक्षा स्तर पर किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू बना हुआ है।
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