पाकिस्तान धार्मिक यात्राओं के नियम सख्त, प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर पर रोक का दावा; गुरुपर्व पर हरियाणा से 2000 श्रद्धालुओं का जत्था भेजने की तैयारी

4
India Pakistan Religious Tour

कुरुक्षेत्र : भारत-पाकिस्तान के बीच धार्मिक यात्राओं को लेकर सुरक्षा प्रक्रिया सख्त किए जाने की बात सामने आई है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सामने आए कथित पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क और हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामले के बीच निजी स्पॉन्सरशिप के जरिए पाकिस्तान जाने वाली यात्राओं पर रोक लगाए जाने का दावा किया गया है। अब धार्मिक जत्थों को मान्यता प्राप्त संस्थाओं के माध्यम से भेजने और यात्रियों की विस्तृत सुरक्षा जांच पर जोर दिया जा रहा है।

हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह के मुताबिक पहले पाकिस्तान के निजी टूर ऑपरेटर भारतीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के लिए स्पॉन्सरशिप की व्यवस्था करते थे। इसके आधार पर लोग पाकिस्तान में धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए वीजा प्रक्रिया आगे बढ़ाते थे।

हरकीरत सिंह का कहना है कि जासूसी से जुड़े मामले सामने आने के बाद प्राइवेट स्पॉन्सर्ड टूर बंद कर दिए गए हैं। अब धार्मिक यात्राओं को अधिक नियंत्रित प्रक्रिया के तहत आयोजित किया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की जांच में आशंका जताई गई थी कि धार्मिक और निजी पर्यटन की आड़ में कुछ पाकिस्तानी संपर्क भारतीय नागरिकों से संबंध बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी कारण यात्रियों की पृष्ठभूमि की जांच और यात्रा आयोजित करने वाली संस्थाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया गया है।

नई व्यवस्था के तहत SGPC और HSGMC जैसे मान्यता प्राप्त धार्मिक निकायों के माध्यम से तय प्रक्रिया के अनुसार जत्थे भेजे जाने की बात कही गई है। यात्रियों के दस्तावेज और सुरक्षा सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की प्रक्रिया होगी।

इसी बीच श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित श्री ननकाना साहिब समेत ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए हरियाणा से श्रद्धालुओं का जत्था भेजने की तैयारी शुरू हो गई है।

22 नवंबर से 1 दिसंबर तक प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं से आवेदन मांगे गए हैं। जानकारी के मुताबिक इच्छुक श्रद्धालु 12 सितंबर तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन जमा करा सकते हैं। हरियाणा से करीब 2000 श्रद्धालुओं का जत्था भेजे जाने की तैयारी बताई गई है।

आवेदन HSGMC कुरुक्षेत्र के पास एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद स्थानीय पुलिस, CID और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के स्तर पर आवेदकों का सत्यापन किया जाएगा। जांच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र आवेदकों की फाइल आगे की प्रक्रिया के लिए भेजी जाएगी।

धार्मिक यात्रा की प्रक्रिया में सख्ती को हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा से जुड़े कथित जासूसी मामले के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताओं से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ज्योति को मई 2025 में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और उसके खिलाफ लगे आरोप अभी अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।

पुलिस जांच में दावा किया गया था कि ज्योति पाकिस्तान में कुछ व्यक्तियों के संपर्क में थी और उसकी यात्राओं तथा डिजिटल कम्युनिकेशन की जांच की गई। जांच एजेंसियों ने उसके मोबाइल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर विभिन्न संपर्कों की पड़ताल की थी।

इसी जांच के दौरान HSGMC के टूरिज्म इंचार्ज हरकीरत सिंह से भी पूछताछ की गई थी, क्योंकि ज्योति ने पाकिस्तान वीजा से जुड़े विषय में उनसे संपर्क किया था। पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया था। उनके मोबाइल फोन फोरेंसिक जांच के लिए लिए जाने की बात भी सामने आई थी। केवल पूछताछ या जांच के दायरे में आने से किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं होती।

फिलहाल पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए दस्तावेजों और सुरक्षा सत्यापन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। संबंधित एजेंसियों की मंजूरी और लागू सरकारी नियमों के अनुसार ही अंतिम रूप से श्रद्धालुओं को जत्थे में शामिल किया जाएगा।

Loading