रेवाड़ी नगर परिषद को इसी माह मिल सकता है उपप्रधान, 24 सितंबर को बैठक की तैयारी; निहाल सिंह और चेतराम सैनी के नाम चर्चा में

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Rewari Municipal Council

रेवाड़ी : धारूहेड़ा नगर पालिका में उपप्रधान का चुनाव संपन्न होने के बाद अब रेवाड़ी नगर परिषद में भी इसी महीने उपप्रधान चुने जाने की संभावना है। इसके लिए 24 सितंबर को नगर परिषद हाउस की बैठक बुलाने की तैयारी चल रही है। संभावित चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही भाजपा के भीतर सियासी सक्रियता भी बढ़ गई है।

नगर परिषद के उपप्रधान पद को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के समर्थक और उनके विरोधी माने जाने वाले खेमे अपने-अपने स्तर पर समीकरण साधने में जुटे बताए जा रहे हैं। दोनों पक्ष अपने पसंदीदा पार्षद के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि अंतिम उम्मीदवार को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

रेवाड़ी नगर परिषद के चुनाव 10 मई को हुए थे और 13 मई को मतगणना हुई थी। चेयरपर्सन पद पर विनिता पीपल ने जीत दर्ज की थी। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की सिफारिश पर उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। विनिता पीपल ने एक जून को पद की शपथ ली थी।

वहीं धारूहेड़ा नगर पालिका में अजय जांगड़ा ने चेयरपर्सन पद पर जीत हासिल की थी और उन्होंने 6 जुलाई को शपथ ली। दोनों स्थानों पर चेयरपर्सन के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मौजूद रहे थे।

धारूहेड़ा नगर पालिका में 31 अगस्त को अमन राव को सर्वसम्मति से उपप्रधान चुना गया। इसके बाद से रेवाड़ी नगर परिषद में भी उपप्रधान चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई। चेयरपर्सन के शपथ ग्रहण के तीन महीने से ज्यादा समय बाद भी नगर परिषद में उपप्रधान का पद खाली है।

इस चुनाव के बीच भाजपा की स्थानीय राजनीति के समीकरण भी चर्चा में हैं। 30 जून को बावल स्थित एचएयू कॉलेज में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली आयोजित हुई थी। इस कार्यक्रम से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, क्षेत्र के तीन विधायकों और भाजपा कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों की दूरी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी थी।

इसके बाद आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भी स्थानीय भाजपा के बदलते समीकरणों को लेकर चर्चाएं होती रहीं। मेघवाल समाज के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री राव नरबीर सिंह की मंच पर मौजूदगी को भी राजनीतिक नजरिए से देखा गया।

धारूहेड़ा के उपप्रधान चुनाव में संगठन से जुड़े राव इंद्रपाल के भतीजे अमन राव को आगे किया गया और बाद में उन्हें सर्वसम्मति से उपप्रधान चुन लिया गया। ऐसे में अब रेवाड़ी नगर परिषद के उपप्रधान चुनाव में भाजपा संगठन किस चेहरे पर दांव लगाता है, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी बढ़ गई है।

उपप्रधान पद के संभावित उम्मीदवारों में फिलहाल निहाल सिंह और चेतराम सैनी के नाम की चर्चा है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक एक खेमा राव इंद्रजीत सिंह के करीबी माने जाने वाले चेहरे को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरा पक्ष संगठन से जुड़े चेहरे के लिए समर्थन जुटाने में लगा है।

हालांकि दोनों में से किसी नाम पर अभी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। भाजपा संगठन और पार्टी नेतृत्व की सहमति के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है। यह भी संभव माना जा रहा है कि गुटबाजी से बचने के लिए पार्टी किसी तीसरे नाम पर सहमति बनाने का प्रयास करे।

रेवाड़ी नगर परिषद में कुल 32 वार्ड हैं। चुनाव में भाजपा के 12 पार्षद जीतकर आए थे। 32 सदस्यीय सदन में सामान्य स्थिति में बहुमत के लिए 17 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। इस लिहाज से भाजपा अपने निर्वाचित पार्षदों के दम पर बहुमत से पांच सदस्य पीछे है।

कांग्रेस का केवल एक पार्षद चुनाव जीत पाया था, जबकि चुनाव जीतने वाले कई अन्य पार्षदों ने बाद में भाजपा को समर्थन दिया। इसी कारण संख्याबल के लिहाज से भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। इसके बावजूद पार्टी के अंदर अलग-अलग खेमों की सक्रियता के कारण उपप्रधान के चेहरे को लेकर अंतिम समय तक समीकरण बदल सकते हैं।

विधायक के बैठक में शामिल होने की स्थिति में भी बहुमत का आंकड़ा 17 रहने की बात कही जा रही है। वहीं सांसद की मौजूदगी में कुल सदस्यों की संख्या 34 होने पर बहुमत के लिए 18 वोट की जरूरत पड़ सकती है।

अब सभी की नजर 24 सितंबर को प्रस्तावित हाउस बैठक पर है। बैठक की तारीख और चुनाव कार्यक्रम को लेकर औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि भाजपा किसी एक नाम पर सर्वसम्मति बना पाती है या उपप्रधान की कुर्सी के लिए सदन में मतदान की नौबत आती है।

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