सिरसा ग्रीवेंस मीटिंग में CM सैनी का बड़ा एक्शन, वीटा मिल्क प्लांट के पूर्व CEO सस्पेंड; 15 शिकायतों पर हुई सुनवाई

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Nayab Singh Saini

सिरसा : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को सिरसा में आयोजित ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में वीटा मिल्क प्लांट के तत्कालीन CEO भागीरथ को सस्पेंड करने के आदेश दिए। उनके खिलाफ दूध रिजेक्ट किए जाने से जुड़ी शिकायत बैठक में रखी गई थी। भागीरथ फिलहाल प्लांट में MIS इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन में हुई बैठक में कुल 15 शिकायतों को एजेंडे में शामिल किया गया। इनमें से तीन मामलों में मुख्यमंत्री ने जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान किसानों ने सिरसा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने पहले फसल की स्थिति की जांच कराने की बात कही।

वीटा मिल्क प्लांट से जुड़ी शिकायत गांव करीवाला निवासी भूपेंद्र सिंह ने रखी। शिकायत के मुताबिक अगस्त 2025 में BMC करीवाला से मिल्क प्लांट ने दूध लिया था। बाद में दूध में कास्टिक की मात्रा अधिक होने की बात कहते हुए उसे रिजेक्ट कर दिया गया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि BMC प्रधान निशान सिंह ने इस संबंध में तत्कालीन CEO से बात की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि BMC करीवाला के दूध को लेकर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया गया। साथ ही रिजेक्ट किए गए दूध को वापस करने के बजाय ड्रेन कराए जाने का भी आरोप लगाया गया।

बैठक में शिकायतकर्ता ने अन्य BMC सेंटरों से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। शिकायत सुनने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीटा मिल्क प्लांट के तत्कालीन CEO भागीरथ को सस्पेंड करने के आदेश दिए। आरोपों से जुड़े तथ्यों की आगे विभागीय प्रक्रिया में जांच की जाएगी।

बैठक में दो पड़ोसियों के बीच विवाद से संबंधित शिकायत भी रखी गई। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर CCTV कैमरे तोड़ने और मारपीट करने के आरोप लगाए। ASP आदर्शदीप सिंह ने पुलिस की ओर से मामले की स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री के सामने रखी।

पुलिस अधिकारियों की ओर से बताया गया कि विवाद से संबंधित मामला अदालत में विचाराधीन है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने उपलब्ध तथ्यों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ग्रीवेंस मीटिंग में किसानों ने सिरसा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग भी उठाई। किसानों की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में बारिश कम जरूर हुई है, लेकिन नहरी पानी की स्थिति ठीक है और फिलहाल फसल की स्थिति भी सामान्य बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों की वास्तविक स्थिति की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में नुकसान सामने आने पर सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बैठक के दौरान पंचायत भवन के बाहर बड़ी संख्या में फरियादी भी पहुंचे हुए थे। एजेंडे में शामिल शिकायतकर्ताओं को बैठक में प्रवेश दिया गया, जबकि अन्य लोग बाहर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर आने के बाद जमीन पर गिर गईं।

झोरड़ रोही निवासी हरनाम कौर के अनुसार महिला के नाम करीब तीन एकड़ जमीन थी। आरोप है कि उनके बेटों ने जमीन अपने नाम करवा ली और बाद में उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। महिला अपनी जमीन वापस दिलाने और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से भी बातचीत की। पंजाब की राजनीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। भाजपा में गुटबाजी के सवाल को मुख्यमंत्री ने खारिज किया।

उन्होंने डबवाली जिलाध्यक्ष रेणु शर्मा और कालांवाली से भाजपा उम्मीदवार रहे राजेंद्र देसूजोधा का भी जिक्र किया। वहीं हरियाणवी कलाकारों को कथित तौर पर मिल रही धमकियों को लेकर पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी।

सिरसा में हुई ग्रीवेंस मीटिंग में प्रशासनिक शिकायतों से लेकर किसानों और आम लोगों की समस्याओं तक कई मुद्दे सामने आए। इनमें सबसे बड़ी कार्रवाई वीटा मिल्क प्लांट के तत्कालीन CEO के निलंबन के रूप में हुई, जबकि अन्य मामलों में अधिकारियों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

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