झज्जर : सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर साइबर ठगी करने के एक मामले में झज्जर पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार पीएम किसान योजना से संबंधित लिंक भेजकर शिकायतकर्ता के साथ करीब एक लाख रुपए की साइबर ठगी की गई थी। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
थाना साइबर क्राइम झज्जर प्रभारी निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि झज्जर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार 1 मई 2026 को उसके मोबाइल फोन पर पीएम किसान योजना से संबंधित एक लिंक आया था।
शिकायतकर्ता ने सरकारी योजना से जुड़ा समझकर लिंक खोल दिया। उसका आरोप है कि इसके बाद उसके मोबाइल की सुरक्षा प्रभावित हुई और बाद में बैंक से जानकारी लेने पर खाते से संदिग्ध लेनदेन होने का पता चला। शिकायत के मुताबिक उसके साथ करीब एक लाख रुपए की साइबर ठगी हुई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद थाना साइबर क्राइम झज्जर में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने डिजिटल और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े उपलब्ध तथ्यों की जांच करते हुए मामले में शामिल लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।
पुलिस उपायुक्त मुख्यालय झज्जर फैसल खान के दिशा-निर्देशन में मुख्य सिपाही रविंद्र के नेतृत्व वाली टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर टीम ने मामले में एक आरोपी की पहचान की।
इसके बाद पुलिस ने शिवम असमोद निवासी भुनेश्वरी भवन, श्रमिक नगर, नासिक, महाराष्ट्र को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पैसों के लालच में अपना बैंक खाता कमीशन के बदले उपलब्ध कराने की बात कही है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम किन-किन खातों में पहुंची और इस साइबर फ्रॉड के पीछे अन्य कौन लोग शामिल थे। फर्जी लिंक तैयार करने और उसे पीड़ित तक भेजने वाले व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपी को नियमानुसार कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसके खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
झज्जर पुलिस ने इस मामले के बाद लोगों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि सरकारी योजना के नाम पर मोबाइल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक को बिना सत्यापन के नहीं खोलना चाहिए।
सरकारी योजनाओं की जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या संबंधित विभाग के अधिकृत माध्यम से ही जांचनी चाहिए। किसी लिंक के माध्यम से बैंक खाते, कार्ड, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जाए तो उसे साझा नहीं करना चाहिए।
पुलिस ने कहा कि साइबर ठगी होने की स्थिति में पीड़ित को जल्द से जल्द संबंधित साइबर क्राइम पुलिस या आधिकारिक साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर शिकायत करने से संदिग्ध लेनदेन को ट्रैक करने और रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
फिलहाल साइबर क्राइम थाना पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। जांच में बैंक खाते की भूमिका, पैसे के लेनदेन और संभावित अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
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