रेवाड़ी में 6 साल से अटकी फोरलेन सड़क का रास्ता साफ, 110 पेड़ हटाने की मिली मंजूरी; ₹22 करोड़ से बनेगा 1500 मीटर हिस्सा

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Rewari Four Lane Road

रेवाड़ी : शहर से गुजरने वाले पुराने NH-11 के महत्वपूर्ण हिस्से को फोरलेन बनाने की राह में बड़ी अड़चन दूर हो गई है। बावल चौक से रणबीर सिंह हुड्डा चौक तक करीब 1500 मीटर लंबी सड़क के निर्माण के लिए वन विभाग ने रास्ते में आ रहे 110 पेड़ों को हटाने की अनुमति दे दी है। इसके बाद करीब छह साल से लंबित इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इसी महीने के अंत तक निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की है। सड़क के फोरलेन होने से इस व्यस्त मार्ग पर रोजाना आवागमन करने वाले वाहन चालकों के साथ आसपास रहने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

पुराने NH-11 का रणबीर सिंह हुड्डा चौक से नारनौल रोड स्थित हरीनगर बाईपास तक का हिस्सा करीब साढ़े छह किलोमीटर लंबा है। इसमें बावल चौक से रणबीर सिंह हुड्डा चौक के बीच करीब 1500 मीटर का हिस्सा लंबे समय से परेशानी का कारण बना हुआ है।

सड़क की खराब स्थिति और जलभराव के कारण वाहन चालकों को यहां से गुजरने में दिक्कत होती है। बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है। आसपास के लोगों को भी जलभराव और खराब सड़क के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यह सड़क पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन थी। आउटर बाईपास बनने के बाद पुराने हाईवे के इस हिस्से की जिम्मेदारी को लेकर NHAI और लोक निर्माण विभाग के बीच स्थिति स्पष्ट होने में समय लगा। बाद में सड़क के निर्माण के लिए NHAI की ओर से PWD को करीब 15.50 करोड़ रुपए जारी किए गए।

इसके बाद रणबीर सिंह हुड्डा चौक से बावल चौक तक सड़क को फोरलेन बनाने का निर्णय लिया गया। योजना में बदलाव और अतिरिक्त कार्य शामिल होने के बाद परियोजना की लागत बढ़कर करीब 22 करोड़ रुपए हो गई।

संशोधित लागत को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी की और वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिया। हालांकि मानसून शुरू होने और अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया।

फोरलेन निर्माण के रास्ते में सड़क की जद में आने वाले पेड़ भी एक बड़ी बाधा थे। अब वन विभाग ने 110 पेड़ों को हटाने की अनुमति दे दी है। इससे निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।

इन पेड़ों को हटाने के बदले पर्यावरणीय भरपाई के तहत झबुआ गांव में नए पौधे लगाए जाएंगे। संबंधित विभागों को निर्धारित नियमों के अनुसार पौधरोपण और उनकी देखभाल की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इस सड़क की एक और खासियत इसकी निर्माण तकनीक होगी। सड़क को पहली बार ‘थिन व्हाइट टॉपिंग’ तकनीक से तैयार करने की योजना है। इस तकनीक में मौजूदा सड़क के ऊपर निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंक्रीट की परत तैयार की जाती है, जिससे सड़क को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलती है।

विभाग का दावा है कि इस तकनीक से बनने वाली सड़क की मजबूती बढ़ेगी और उचित रखरखाव की स्थिति में इसकी आयु 25 वर्ष से अधिक हो सकती है।

फोरलेन सड़क तैयार होने के बाद बावल चौक से रणबीर सिंह हुड्डा चौक के बीच यातायात का दबाव बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। इसके साथ ही सड़क की खराब स्थिति और जलभराव से जुड़ी समस्या में भी सुधार की उम्मीद है।

अब पेड़ों को हटाने की अनुमति मिलने के बाद परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है। PWD की तैयारी के अनुसार यदि आगे कोई नई प्रशासनिक या तकनीकी अड़चन नहीं आती है तो इसी महीने के अंत तक निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।

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