रतिया विधायक जरनैल सिंह को कांग्रेस का कारण बताओ नोटिस, 30 दिन में मांगा जवाब; विधानसभा में व्हिप नहीं मानने का आरोप

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Jarnail Singh Ratia

चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा में पार्टी व्हिप का कथित तौर पर पालन नहीं करने और सदन में पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के मामले में कांग्रेस ने रतिया विधायक जरनैल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कांग्रेस विधायक दल के चीफ व्हिप भारत भूषण बत्रा ने उनसे 30 दिन के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में दल-बदल विरोधी कानून के तहत आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जा सकता है।

हरियाणा विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जरनैल सिंह रतिया से कांग्रेस विधायक के रूप में सूचीबद्ध हैं। वहीं भारत भूषण बत्रा कांग्रेस विधायक दल के चीफ व्हिप हैं।

मामला विधानसभा के अगस्त-सितंबर सत्र से जुड़ा है। 27 अगस्त को कांग्रेस की ओर से सदन में काम रोको प्रस्ताव लाया गया था। पार्टी की तरफ से विधायकों को सदन में मौजूद रहने और प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया था।

कांग्रेस का आरोप है कि रतिया विधायक जरनैल सिंह ने पार्टी विधायक इंदुराज नरवाल से व्हिप लेने और उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इसके अलावा प्रस्ताव के समर्थन में पार्टी के अन्य विधायकों के साथ खड़े नहीं होने का भी आरोप है।

चीफ व्हिप भारत भूषण बत्रा के मुताबिक उस समय विवाद में रहे अन्य चार कांग्रेस विधायकों ने व्हिप लेने या उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार नहीं किया था। उनके अनुसार जरनैल सिंह का मामला इसलिए अलग है क्योंकि उन पर व्हिप स्वीकार नहीं करने के साथ सदन में पार्टी के रुख के विपरीत गतिविधि करने का भी आरोप है।

विधानसभा में जरनैल सिंह के हाथ में एक पोस्टर लेकर खड़े होने का घटनाक्रम भी विवाद का हिस्सा बना था। पोस्टर 1984 के सिख विरोधी दंगों और पूर्व केंद्रीय मंत्री सज्जन कुमार से जुड़े राजनीतिक विवाद को लेकर था।

इसी दौरान कांग्रेस विधायक इंदुराज नरवाल और जरनैल सिंह के बीच पोस्टर को लेकर बहस भी हुई थी। भाजपा ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस पर सिख और दलित विधायक के अपमान का आरोप लगाया था। ये भाजपा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप थे।

इससे जुड़े एक वीडियो में भाजपा विधायक हरेंद्र राम रतन को जरनैल सिंह से बातचीत करते हुए भी देखा गया था। इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस और भाजपा की ओर से अलग-अलग राजनीतिक दावे किए गए।

कांग्रेस ने अब विधानसभा में जरनैल सिंह के कथित आचरण को पार्टी अनुशासन और व्हिप के उल्लंघन से जोड़ते हुए उनसे औपचारिक स्पष्टीकरण मांगा है।

फिलहाल जरनैल सिंह अपने बेटे के पास इंग्लैंड गए हुए बताए जा रहे हैं। उनके निजी सचिव मनबीर संधू के मुताबिक नोटिस प्राप्त हो चुका है। विधायक के अगले महीने वापस आने के बाद नोटिस का जवाब दिए जाने की बात कही गई है।

जरनैल सिंह इससे पहले मार्च 2026 में हुए हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद भी पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। उस चुनाव के बाद कांग्रेस ने उन पर पार्टी के निर्देश के विपरीत मतदान करने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

उस समय कांग्रेस ने रतिया के जरनैल सिंह के अलावा नारायणगढ़ की शैली चौधरी, साढौरा की रेणु बाला, पुन्हाना के मोहम्मद इलियास और हथीन के मोहम्मद इसराइल से भी स्पष्टीकरण मांगा था। पार्टी ने इन विधायकों के खिलाफ बाद में अनुशासनात्मक कार्रवाई की थी।

अब नया नोटिस राज्यसभा चुनाव के घटनाक्रम से अलग विधानसभा में कथित व्हिप उल्लंघन और पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने से संबंधित है।

नोटिस जारी होना अपने आप में विधानसभा सदस्यता समाप्त होने का आदेश नहीं है। जरनैल सिंह को पहले अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है। उनके जवाब और आगे की संवैधानिक तथा कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कांग्रेस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।

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