रेवाड़ी : जिले के माजरा में निर्माणाधीन एम्स को लेकर दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में श्रेय की बहस फिर तेज हो गई है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव द्वारा अपने पिता एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को एम्स का श्रेय दिए जाने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना का पूरा श्रेय किसी एक व्यक्ति को देना उचित नहीं है, क्योंकि इसे धरातल तक पहुंचाने में अलग-अलग स्तर पर कई लोगों ने प्रयास किए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एम्स के श्रेय से जुड़े सवाल पर कहा था कि हरियाणा में एम्स लाने का श्रेय केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को जाता है। उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत लंबे समय से क्षेत्र में एम्स की मांग को लेकर प्रयास करते रहे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना को मंजूरी दी।
अब पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने इस बयान पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि राव इंद्रजीत सिंह की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन एम्स को केवल उनके प्रयासों का परिणाम बताना सही नहीं होगा।
बनवारी लाल ने दावा किया कि परियोजना की शुरुआती कड़ी वर्ष 2015 में बावल में हुई एक रैली से जुड़ी हुई है। उस समय मनोहर लाल हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। बनवारी लाल के अनुसार क्षेत्र में बड़ी स्वास्थ्य सुविधा की आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री के समक्ष एम्स की मांग रखी थी और बावल की रैली में इस दिशा में घोषणा करवाने में उनकी भी भूमिका रही।
पूर्व मंत्री ने कहा कि घोषणा के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जमीन उपलब्ध कराने और किसानों से जुड़े विषयों को सुलझाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए। शुरुआती दौर में जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर काम किया गया, जबकि बाद में पर्यावरण और भूमि से जुड़ी अड़चनों के कारण जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
बनवारी लाल ने एम्स के लिए आंदोलन करने वाले किसानों और एम्स संघर्ष समिति के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एम्स की स्थापना की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने लंबे समय तक आंदोलन किया और सरकार के सामने अपनी मांग रखी। इसलिए परियोजना की यात्रा में किसानों और संघर्ष समिति की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत सिंह ने भी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास किए और केंद्र स्तर पर इसकी पैरवी की। इसके साथ ही अंतिम मंजूरी और परियोजना को आगे बढ़ाने में केंद्र सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका भी रही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी 2024 को रेवाड़ी में एम्स की आधारशिला रखी थी। परियोजना माजरा मुस्तिल भालखी में विकसित की जा रही है। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
आरती राव ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्तर पर दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए राव इंद्रजीत सिंह के प्रयासों को एम्स की स्थापना से जोड़ा था। वहीं अब बनवारी लाल का कहना है कि परियोजना के अलग-अलग चरणों में राज्य सरकार, केंद्र सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, किसानों और संघर्ष समिति समेत कई पक्षों का योगदान रहा है।
डॉ. बनवारी लाल पेशे से चिकित्सक हैं और बावल विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2014 तथा 2019 में भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गए थे। वह मनोहर लाल सरकार में मंत्री भी रहे हैं।
माजरा एम्स के श्रेय को लेकर सामने आए ये बयान राजनीतिक दावे हैं। परियोजना से जुड़े विभिन्न नेताओं और संगठनों ने अलग-अलग समय पर अपनी भूमिका का उल्लेख किया है, जबकि केंद्र सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में रेवाड़ी एम्स की आधारशिला रखी थी।
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