गुरुग्राम के नाले में मिला था कंपनी मैनेजर का शव, पूर्व सहकर्मी और उसका लिव-इन पार्टनर गिरफ्तार; पैसों के विवाद में हत्या का आरोप

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Gurugram Murder Case

गुरुग्राम : सेक्टर-70 के नाले से मृत मिले युवक की पहचान दिल्ली के सरिता विहार निवासी युवराज सिंह मनचंदा के रूप में हुई है। युवराज गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित एक रियल एस्टेट कंपनी में मैनेजर था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने युवराज की पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पुलिस के मुताबिक युवराज की इसी साल शादी होने वाली थी। 6 सितंबर को वह अपनी बहन के साथ दिल्ली के लाजपत नगर स्थित सेंट्रल मार्केट में शादी की खरीदारी करने गया था। इसके बाद दोनों लाजपत नगर-2 के एक रेस्टोरेंट पहुंचे। शाम करीब चार बजे युवराज ने बहन से कहा कि उसे गुरुग्राम में एक मीटिंग के लिए जाना है और वह रात करीब 10 बजे तक घर लौट आएगा।

रात तक युवराज वापस नहीं आया और उसका मोबाइल भी बंद मिलने लगा। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन पांच दिन तक कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद उसकी बहन ने 11 सितंबर को लाजपत नगर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने युवराज के मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड खंगाले। पुलिस के अनुसार उसकी आखिरी बातचीत पूर्व सहकर्मी आन्या वत्स से होने की जानकारी सामने आई। परिवार ने भी पुलिस को बताया कि युवराज गुरुग्राम में आन्या से मिलने की बात कहकर गया था।

इसके बाद पुलिस ने आन्या की तलाश शुरू की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। युवराज और आन्या के साथ काम कर चुके लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को एक नए मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। इस नंबर की जांच के आधार पर आन्या की लोकेशन उत्तराखंड में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा को पकड़ लिया।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने युवराज की हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। शुरुआती जांच में वारदात के पीछे पैसों के लेन-देन से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक 6 सितंबर को मुलाकात के दौरान युवराज और आरोपियों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद कथित तौर पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।

जांच अधिकारियों के अनुसार युवराज की मौत के बाद शव कई घंटे तक कार में रखा गया। इसके बाद आरोपियों ने शव को गुरुग्राम के सेक्टर-70 क्षेत्र के एक नाले में फेंक दिया और उत्तराखंड चले गए। ये विवरण फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपियों से हुई पूछताछ पर आधारित हैं।

इधर, गुरुग्राम पुलिस को नाले से एक अज्ञात युवक का शव मिला था। दिल्ली में युवराज की गुमशुदगी की जांच कर रही पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने गुरुग्राम पुलिस से संपर्क किया। शव की तस्वीरें युवराज के परिवार को दिखाई गईं, जिसके बाद परिवार ने उसकी पहचान युवराज सिंह मनचंदा के रूप में की।

पुलिस के अनुसार युवराज और आन्या पहले एक ही कंपनी में काम कर चुके थे। दोनों के बीच कथित तौर पर वित्तीय लेन-देन को लेकर विवाद था। परिवार ने आरोप लगाया है कि आन्या काफी समय से युवराज को फोन करती थी और दोनों के बीच विवाद होता रहता था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।

दक्षिण-पूर्व दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक मामले की गहन जांच जारी है। शुरुआती जांच में पैसे का लेन-देन हत्या की संभावित वजह के रूप में सामने आया है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान युवती के बयानों में बदलाव भी सामने आया है।

दोनों आरोपी फिलहाल पांच दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी, घटनाक्रम की पुष्टि और अन्य साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

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