गुरुग्राम में ज्योतिबा फूले आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हमला, रॉड से सिर पर वार; 4 नामजद, पुलिस ने दर्ज किया केस

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Gurugram Attack

गुरुग्राम : उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी एवं ज्योतिबा फूले आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेंद्र सैनी पर गुरुग्राम में हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में उनके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों पर चोटें आई हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित की शिकायत पर फर्रुखनगर थाना पुलिस ने एक युवती समेत चार लोगों को नामजद कर अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जितेंद्र सैनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह फिलहाल फाजलपुर मोड़ के पास एक पीजी में किराए पर रहते हैं। वह अपनी फर्म के माध्यम से फाजिलपुर रोड स्थित एक वेयरहाउस में मैनपावर वेंडर का काम करते हैं।

शिकायत के मुताबिक 17 सितंबर की शाम करीब साढ़े सात बजे जितेंद्र बाइक से कंपनी से अपने पीजी की ओर लौट रहे थे। इमेजा कंपनी के पास रास्ते में खड़े एक व्यक्ति ने हाथ का इशारा कर उन्हें रुकने के लिए कहा। जितेंद्र ने किसी काम की बात समझकर बाइक रोक दी।

आरोप है कि बाइक रुकते ही पीछे से आए कुछ युवकों ने उन पर हमला कर दिया। एक हमलावर ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया। जितेंद्र के अनुसार जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा तो वहां कई अन्य युवक भी मौजूद थे, जिन्होंने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित का आरोप है कि इसी दौरान एक हमलावर ने उनकी गर्दन के पिछले हिस्से पर चाकू से वार करने का प्रयास किया। हमले के दौरान कुछ युवकों ने पहचान छिपाने के लिए चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। जितेंद्र ने हमलावरों के पास हथियार होने की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं की गई है।

घटना के दौरान जितेंद्र का दोस्त अमित मौके पर पहुंचा और घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद फर्रुखनगर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और उनकी मेडिकल रिपोर्ट हासिल की।

पुलिस शिकायत में जितेंद्र ने दीप, बंटी और प्रमोद नाम के तीन युवकों पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा एक युवती पर कथित तौर पर हमले की साजिश में शामिल होने का संदेह जताया गया है। पीड़ित का कहना है कि उसका पहले से कामकाज को लेकर विवाद चल रहा था और उसे धमकियां भी दी गई थीं।

जितेंद्र ने इस विवाद को हमले की संभावित वजह बताया है। हालांकि हमले के पीछे वास्तविक कारण और नामजद लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पीड़ित की ओर से लगाए गए साजिश और अन्य आरोपों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार घटना के बाद अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट ली गई। अगले दिन डॉक्टर द्वारा जितेंद्र को बयान देने के लिए फिट बताए जाने के बाद उनके लिखित बयान दर्ज किए गए।

फर्रुखनगर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह के मुताबिक पीड़ित की शिकायत पर चार लोगों को नामजद करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में गंभीर चोट पहुंचाने, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी देने समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

पुलिस नामजद आरोपियों और अन्य हमलावरों की तलाश कर रही है। घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाने के साथ आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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