सोनीपत में गन्ने का भाव ₹600 करने की मांग पर किसानों की ट्रैक्टर यात्रा, मिनी सचिवालय के सामने धरने का ऐलान

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Sonipat Farmers Protest

सोनीपत : गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल करने और शुगर मिल से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों ने सोमवार को शहर में ट्रैक्टर यात्रा निकाली। जाहरी चौक से शुरू हुई यात्रा कामी रोड, बस स्टैंड, गीता भवन और तिरंगा चौक होते हुए मिनी सचिवालय की ओर रवाना हुई।

बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों के शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने के कारण कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ। किसानों ने ऐलान किया कि वे मिनी सचिवालय के सामने ट्रैक्टर खड़े कर धरना देंगे और मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

किसान नेता वीरेंद्र पहल ने कहा कि वर्तमान में गन्ने का भाव 415 रुपए प्रति क्विंटल है, जबकि किसान इसे बढ़ाकर 600 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती की लागत बढ़ने के मुकाबले गन्ने के भाव में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई है।

किसान नेताओं के मुताबिक अपनी मांगों को लेकर इससे पहले दो बार पंचायत की जा चुकी है। इन पंचायतों में किसान संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। किसानों की ओर से सरकार को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग भी की गई, लेकिन किसान नेताओं का आरोप है कि अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदर्शन के दौरान सोनीपत शुगर मिल से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। किसान नेता वीरेंद्र पहल ने शुगर मिल की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने का असर गन्ना किसानों पर पड़ता है।

किसानों ने टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और अधिकारियों के स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार से मामले की जांच कराने और शुगर मिल से जुड़ी समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।

किसान नेताओं का कहना है कि गन्ने की खेती में खाद, डीजल, मजदूरी, सिंचाई और अन्य संसाधनों पर खर्च बढ़ा है। ऐसे में गन्ने के खरीद मूल्य में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।

किसानों की ट्रैक्टर यात्रा जाहरी चौक से निकलकर शहर के व्यस्त इलाकों से गुजरी। कामी रोड, बस स्टैंड, गीता भवन और तिरंगा चौक के आसपास वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनी।

किसानों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर धरना देने का निर्णय लिया है। किसान नेताओं के मुताबिक जब तक सरकार और प्रशासन की ओर से उनकी प्रमुख मांगों पर समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक धरना जारी रखा जाएगा।

प्रदर्शनकारी किसानों की मुख्य मांगों में गन्ने का भाव 600 रुपए प्रति क्विंटल करना और सोनीपत शुगर मिल की टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी समस्या का समाधान शामिल है। किसानों ने सरकार से इन मुद्दों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है।

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