यमुनानगर : पंचकूला-सहारनपुर हाईवे किनारे रुहला खेड़ी गांव के पास पानी की खाल में मिले करीब 30 से 32 वर्षीय युवती के शव की 13 दिन बाद भी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने आसपास के जिलों में लापता महिलाओं की जानकारी जुटाने के साथ मृतका के फिंगरप्रिंट का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान कराया, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
युवती का शव 9 सितंबर को हाईवे किनारे खेतों के पास पानी की खाल में मिला था। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर जगाधरी सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया और पहचान के प्रयास शुरू किए।
जांच अधिकारी हरिराम के अनुसार अब तक करीब 10 ऐसे लोग पुलिस से संपर्क कर चुके हैं, जिनके परिवार की महिलाएं लापता हैं। पुलिस ने इन परिवारों से मिली जानकारी के आधार पर मृतका के हुलिए और अन्य विवरण का मिलान कराया, लेकिन किसी ने भी शव की पहचान अपने परिचित के रूप में नहीं की।
पहचान के लिए पुलिस ने मृतका के फिंगरप्रिंट स्कैन कराकर सरकारी रिकॉर्ड से भी मिलान कराया। उम्मीद थी कि यदि उसके फिंगरप्रिंट किसी सरकारी डेटाबेस में उपलब्ध होंगे तो पहचान में मदद मिल सकती है, लेकिन कोई मिलान नहीं हो सका।
जांच अधिकारी के मुताबिक फिंगरप्रिंट से पहचान नहीं होने के पीछे कई संभावनाएं हो सकती हैं। मृतका किसी दूसरे राज्य या क्षेत्र की रहने वाली हो सकती है। इसके अलावा शव के पानी में पड़े रहने और डिकंपोज होने के कारण उंगलियों की त्वचा प्रभावित होने से भी फिंगरप्रिंट की गुणवत्ता खराब होने की संभावना है। पुलिस किसी एक संभावना को अंतिम मानने के बजाय अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है।
पोस्टमॉर्टम के बाद भी पहचान नहीं होने पर 11 सितंबर को एक संस्था के माध्यम से मृतका का अंतिम संस्कार कराया गया। हालांकि पुलिस ने पहचान और जांच से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखे हैं, ताकि भविष्य में किसी परिवार या अन्य जानकारी के सामने आने पर मिलान किया जा सके।
पोस्टमॉर्टम बोर्ड की जांच में युवती की बाईं आंख, माथे और ठोड़ी पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई थी। डॉक्टरों ने मौत का कारण सिर में लगी चोट बताया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये चोटें किन परिस्थितियों में लगीं।
घटनास्थल पर खून या संघर्ष के स्पष्ट निशान नहीं मिलने के कारण पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं युवती की मौत किसी अन्य स्थान पर होने के बाद शव को यहां लाकर तो नहीं फेंका गया। हालांकि जांच पूरी होने तक हत्या और घटनास्थल से संबंधित परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
पोस्टमॉर्टम के दौरान आवश्यक फॉरेंसिक सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट से मौत से पहले की परिस्थितियों और किसी संभावित अपराध से जुड़े सवालों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस को शव मिलने वाली जगह से करीब 50 मीटर दूर एक पॉलिथिन भी मिली थी। उसमें तीन सलवार, एक लोवर और कमीज रखी थी। पुलिस इन कपड़ों का मृतका से संभावित संबंध भी जांच रही है, लेकिन वहां से ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो सके। मृतका के गले में मंगलसूत्र और पैरों में पाजेब मिलने की जानकारी भी पुलिस के पास है।
9 सितंबर से अब तक पुलिस फोरेंसिक जांच, लापता महिलाओं के रिकॉर्ड, परिवारों से संपर्क और फिंगरप्रिंट मिलान सहित कई स्तर पर प्रयास कर चुकी है। इसके बावजूद 22 सितंबर तक युवती की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस अब अन्य क्षेत्रों से मिलने वाली गुमशुदगी की सूचनाओं और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
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