पंचकूला नाइट क्लब फायरिंग की जांच ATS को सौंपी, ड्रग्स मनी-हवाला और टेरर फंडिंग के एंगल की जांच; जिगाना पिस्टल बरामद

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Panchkula Club Firing

पंचकूला : सेक्टर-11 स्थित अलिफ-लैला नाइट क्लब में हुई फायरिंग के मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। पुलिस को आरोपियों और बरामद हथियार से जुड़े कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर अब ड्रग्स मनी, हवाला नेटवर्क और संभावित टेरर फंडिंग के एंगल की भी जांच की जा रही है। केस क्राइम ब्रांच से ट्रांसफर कर एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) पंचकूला को सौंप दिया गया है।

पुलिस के अनुसार मामले के मुख्य आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ काकू को खरड़ से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से तुर्की निर्मित जिगाना पिस्टल, आठ कारतूस और वारदात के बाद इस्तेमाल की गई बताई जा रही XUV-500 गाड़ी बरामद की गई है।

जिगाना पिस्टल की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने हथियार के स्रोत और आरोपियों के संपर्कों की गहराई से जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिस्टल आरोपियों तक कैसे पहुंची, इसका सप्लायर कौन था और क्या इसके पीछे किसी बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क की भूमिका है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों के संभावित ड्रग्स और हवाला नेटवर्क से संबंधों को लेकर भी इनपुट मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े नेटवर्क के लिए पैसे पहुंचाने का काम करते थे। जांच में इस दावे की पुष्टि के लिए आरोपियों के बैंक रिकॉर्ड, संपर्क और अन्य वित्तीय लेन-देन खंगाले जा रहे हैं।

जांच एजेंसियां इस पहलू को भी देख रही हैं कि ट्राईसिटी के पब और क्लबों से कथित तौर पर ड्रग्स कारोबार से जुड़ी रकम एकत्र कर हवाला के माध्यम से विदेश भेजी जाती थी या नहीं। फिलहाल ये जांच के बिंदु हैं और इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष ATS की जांच के बाद ही सामने आएगा।

आरोपियों के फिरोजपुर क्षेत्र से जुड़े होने और यह इलाका पाकिस्तान सीमा के नजदीक होने के कारण सीमा पार से संभावित ड्रग्स अथवा हथियार सप्लाई के एंगल को भी जांच में शामिल किया गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों का किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स, हथियार या हवाला नेटवर्क से वास्तविक संबंध है या नहीं।

पुलिस अब पंजाब और हरियाणा के अन्य क्लब और पब से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और संपर्कों से संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

यह मामला 13 सितंबर की रात पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ-लैला नाइट क्लब में हुई फायरिंग से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक क्लब में कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान फायरिंग हुई और वहां मौजूद एक महिला ब्लॉगर घायल हो गई थी।

पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि वह अपनी सहेलियों के साथ क्लब में वीडियो बनाने का काम कर रही थी। घटना के समय मेन गेट के पास युवकों के बीच विवाद हो रहा था। इसी दौरान पहले कांच का गिलास फेंका गया और बाद में एक युवक ने पिस्तौल से फायर किए। घटना में उसे चोट आई और अस्पताल पहुंचाया गया।

वारदात के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तीन युवकों को पकड़ लिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें अपने कब्जे में लिया। मामले में फिरोजपुर निवासी लखबीर सिंह उर्फ लकी, गुरप्रीत और करनजीत सिंह के नाम सामने आए हैं।

अब जांच का मुख्य फोकस केवल क्लब में हुई फायरिंग तक सीमित नहीं है। ATS हथियार के स्रोत, आरोपियों के वित्तीय लेन-देन, कथित ड्रग्स मनी, हवाला संपर्क और संभावित सीमा पार कनेक्शन की जांच कर रही है।

सेक्टर-5 थाना प्रभारी संदीप के अनुसार मामला पहले क्राइम ब्रांच को दिया गया था, लेकिन अब FIR ATS को ट्रांसफर कर दी गई है। आगे की जांच ATS करेगी। ड्रग्स, हवाला और टेरर फंडिंग से जुड़े आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

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