धान खरीद में देरी पर आज शाहाबाद में किसानों का प्रदर्शन, BKU चढ़ूनी ने NH-44 जाम करने का किया ऐलान

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Haryana Paddy Procurement

कुरुक्षेत्र : हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से नाराज भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में किसान शाहाबाद-बराड़ा रोड स्थित शहीद ऊधम सिंह स्मारक पर एकत्र होंगे। इसके बाद जीटी रोड यानी नेशनल हाईवे-44 पर जाम लगाने की तैयारी है।

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों और संगठन के पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में शाहाबाद पहुंचने का आह्वान किया है। यूनियन का कहना है कि 20 सितंबर तक धान की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण पहले घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन किया जा रहा है।

इससे पहले 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की बैठक हुई थी। किसानों ने मंडियों में धान की आवक शुरू होने का हवाला देते हुए सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की मांग उठाई थी।

बैठक के दौरान कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा भी किसानों के बीच पहुंचे थे। प्रशासन की ओर से किसानों को बताया गया था कि हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार से निर्धारित समय से पहले धान की सरकारी खरीद शुरू करने की अनुमति मांगी है।

राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र भेजकर खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए धान की खरीद 20 सितंबर से शुरू करने की अनुमति मांगी थी। इस जानकारी के बाद किसान यूनियन ने तत्काल आंदोलन को टालते हुए सरकार और प्रशासन को 20 सितंबर तक का समय दिया था।

यूनियन ने उसी समय स्पष्ट कर दिया था कि यदि 20 सितंबर तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो 22 सितंबर को शाहाबाद में किसान दोबारा एकत्र होंगे और नेशनल हाईवे-44 जाम किया जाएगा।

अब निर्धारित समय तक खरीद शुरू नहीं होने पर संगठन ने अपने पूर्व घोषित आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की ओर से किसानों को दिया गया भरोसा पूरा नहीं हुआ।

चढ़ूनी ने संगठन के जिला और ब्लॉक प्रधानों, प्रदेश पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से अपने क्षेत्रों के किसानों से संपर्क करने को कहा है। उन्होंने किसानों को शाहाबाद के कार्यक्रम की जानकारी देने और आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है।

किसान नेताओं का कहना है कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यूनियन की मांग है कि खरीद प्रक्रिया बिना देरी शुरू की जाए, ताकि किसानों को मंडियों में परेशानी न झेलनी पड़े।

इसके साथ ही फसल पंजीकरण का मुद्दा भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल किसानों को पंजीकरण का अतिरिक्त अवसर देने के लिए दोबारा खोला गया है। किसान चाहते हैं कि पंजीकरण, फसल सत्यापन और खरीद की प्रक्रिया के बीच बेहतर तालमेल रहे।

पिछले वर्ष भी धान की खरीद की तारीख को लेकर किसानों की ओर से जल्द खरीद शुरू करने की मांग उठाई गई थी। वर्ष 2025 में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू की गई थी, जबकि सामान्य कार्यक्रम के तहत खरीद अक्टूबर से शुरू होनी थी।

फिलहाल शाहाबाद में किसानों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए स्थिति पर प्रशासन की नजर है। आंदोलन की आगे की रणनीति मौके पर किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में तय की जाएगी।

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