अंबाला : शहर की पुरानी अनाज मंडी में आयोजित 125 साल पुराने वामन द्वादशी मेले की पहली संध्या भक्ति और संगीत के रंग में रंगी नजर आई। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और भगवान वामन के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री असीम गोयल ने मेला कमेटी के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का स्वागत किया। उन्हें शॉल अर्पित किया गया और भगवान वामन का स्मृति चिह्न भेंट किया गया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान श्री सनातन धर्म सभा को 21 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने वामन द्वादशी मेले की वर्षों पुरानी परंपरा और इसके धार्मिक महत्व का उल्लेख किया। इस दौरान पूर्व मंत्री असीम गोयल के अलावा प्रशासनिक अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मेले की पहली संध्या में भक्ति संगीत भी प्रमुख आकर्षण रहा। पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के साथ गुरमुख खान और दिलावर कौशिक ने धार्मिक गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां दीं। देर शाम तक श्रद्धालु पंडाल में मौजूद रहे और कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
मंच पर पहुंचे पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू ने दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला को भी याद किया। उन्होंने मौजूद लोगों से उनके लिए तालियां बजाने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने दिवंगत पंजाबी गायक राजवीर जवंदा के परिवार के लिए भी अरदास करने की अपील की।
मेले में आकर्षक लाइटिंग भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भगवान वामन के पांचों हिंडोलों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
इसी बीच मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में एक युवक ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान काले कपड़े पहनकर आने वाले लोगों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था और प्रवेश द्वार पर कड़ी चेकिंग की जा रही थी।
हालांकि काले कपड़ों में प्रवेश पर किसी तरह की आधिकारिक पाबंदी लगाए जाने की पुष्टि प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। ऐसे में सोशल मीडिया वीडियो में किया गया दावा स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं है।
मेले के दूसरे दिन भी धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भजन गायिका गौरामाणी की प्रस्तुति प्रस्तावित है। कार्यक्रम में कृष्ण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस दौरान भगवान वामन के हिंडोलों के दर्शन भी जारी रहेंगे।
वामन द्वादशी मेले का समापन 23 सितंबर को होगा। अंतिम दिन पुरानी अनाज मंडी से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें विभिन्न शहरों से आने वाले बैंड और धार्मिक झांकियां शामिल होंगी।
शोभायात्रा के बाद भगवान वामन के पांचों हिंडोलों को नौरंग राय तालाब ले जाया जाएगा, जहां जलक्रीड़ा की धार्मिक परंपरा निभाई जाएगी। इसके बाद हिंडोलों को संबंधित मंदिरों में वापस स्थापित करने के साथ मेले की धार्मिक गतिविधियों का समापन होगा।
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