12 घंटे की कस्टडी पैरोल पर शादी करेगा मैनपाल ढिल्ला, कंबोडियाई मेटाचान संग 24 सितंबर को लेगा सात फेरे

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Manpal Dhilla Wedding

झज्जर : हत्या समेत विभिन्न आपराधिक मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे मैनपाल ढिल्ला की 24 सितंबर को शादी होने जा रही है। विवाह के लिए उसे हाई कोर्ट से 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है। सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक पुलिस सुरक्षा के बीच वह कंबोडिया की मेटाचान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लेगा। पैरोल की अवधि समाप्त होने से पहले उसे वापस जेल पहुंचना होगा।

शादी झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित दुलीना फार्म में आयोजित की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12 बजे लंच होगा। दोपहर 2 बजे घुड़चढ़ी की रस्म होगी और करीब 3 बजे बरात रवाना होगी। पूरे कार्यक्रम के दौरान मैनपाल पुलिस की निगरानी में रहेगा।

दुल्हन मेटाचान अपने परिवार के सदस्यों और बच्चों के साथ झज्जर पहुंच चुकी है। शादी की तैयारियां पूरी की जा रही हैं। विवाह समारोह में दोनों हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी करेंगे।

मैनपाल ढिल्ला मूल रूप से झज्जर जिले के बादली गांव का रहने वाला है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह विभिन्न आपराधिक मामलों में सजा काट रहा है। वर्ष 2018 में हिसार सेंट्रल जेल से उसे छह सप्ताह की पैरोल मिली थी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उसे 29 अगस्त 2018 तक वापस जेल पहुंचना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा।

इसके बाद मैनपाल के विदेश चले जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया और कंबोडिया पहुंच गया। वहां वह सिएम रीप में रहने लगा और कारोबार भी किया।

कंबोडिया में रहने के दौरान उसकी मुलाकात स्थानीय महिला मेटाचान से हुई। दोनों ने वहां साथ रहकर परिवार बसाया। अब मैनपाल और मेटाचान भारत में विधिवत विवाह करने जा रहे हैं।

मैनपाल का नाम लंबे समय से कई आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड और पूर्व रिपोर्टों के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, आपराधिक षड्यंत्र और अवैध हथियारों से जुड़े कई मामले दर्ज रहे हैं। अलग-अलग हत्या के मामलों में उसे उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई थी।

वर्ष 2018 में पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद वापस नहीं लौटने पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी। बाद में उसकी लोकेशन विदेश में होने की जानकारी मिलने पर हरियाणा पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और इंटरपोल के साथ जानकारी साझा की।

उसके खिलाफ नवंबर 2024 में इंटरपोल रेड नोटिस जारी होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद कंबोडियाई अधिकारियों के सहयोग से जुलाई 2025 में उसे पकड़ा गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर 2025 में उसे भारत लाया गया, जहां हरियाणा एसटीएफ ने उसे अपनी हिरासत में लिया।

अब करीब आठ साल पहले पैरोल पर निकलकर वापस जेल नहीं लौटने वाला मैनपाल अदालत से मिली सीमित कस्टडी पैरोल पर एक बार फिर जेल से बाहर आएगा। हालांकि इस बार वह स्वतंत्र नहीं होगा और विवाह समारोह के दौरान पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा।

अदालत से मिली अनुमति के मुताबिक मैनपाल को केवल निर्धारित समय के लिए बाहर रहने की इजाजत है। 24 सितंबर को शादी की रस्में पूरी करने के बाद रात 8 बजे तक उसे वापस जेल पहुंचना होगा।

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