शारदीय नवरात्रों में नागक्षेत्र मंदिर में होगा मां भगवती का शतचंडी पाठ नागक्षेत्र सुधार समिति की बैठक में लिया गया निर्णय तैयारियों के लिए किया गया समितियों का गठन

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Safidon Nagkshetra Temple
सफीदों, (एस• के• मित्तल) : नगर के ऐतिहासिक नागक्षेत्र मंदिर प्रांगण में श्री नागक्षेत्र सुधार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष जयकुमार कंसल ने की। बैठक में मंदिर परिसर और सरोवर के विकास एवं सौंदर्यीकरण के साथ-साथ आगामी शारदीय नवरात्रों में धार्मिक आयोजन करवाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अखिल भारतीय ब्राह्मण संसद के अध्यक्ष संजीव गौतम ने आगामी शारदीय नवरात्रों के दौरान मां भगवती के शतचंडी पाठ का आयोजन करवाने का प्रस्ताव रखा। उपस्थित सदस्यों ने प्रस्ताव का ध्वनिमत से समर्थन करते हुए इसे मंजूरी प्रदान की। निर्णय के अनुसार नवरात्रों के दौरान नागक्षेत्र मंदिर परिसर में प्रतिदिन मां भगवती का पूजन, श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ तथा हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। संजीव गौतम ने कहा कि मां भगवती के शतचंडी पाठ का धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है और समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे इस धार्मिक आयोजन में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सहयोग करें तथा अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त करें। बैठक में नागक्षेत्र मंदिर और सरोवर के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति सदस्यों ने सरोवर के घाट पर रंगीन लाइटें लगवाने, सरोवर में फव्वारे शुरू करवाने तथा मंदिर और सरोवर परिसर में रंग-रोगन करवाने की आवश्यकता जताई। इसके अलावा मंदिर परिसर में मां दुर्गा का शयन कक्ष बनवाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। समिति ने इन कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करवाने को लेकर प्रयास करने पर सहमति जताई। वहीं शतचंडी पाठ के आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न करवाने के लिए बैठक में विभिन्न समितियों का गठन भी किया गया। समिति के अध्यक्ष जयकुमार कंसल ने कहा कि नागक्षेत्र मंदिर सफीदों की धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा प्रमुख स्थल है। मंदिर परिसर और सरोवर को बेहतर बनाने के लिए समिति द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मौके पर प्रधान जयकुमार कंसल के अलावा पुजारी यतिंद्र कौशिक, संजीव गौतम, अतुल मंगला, गिरिराज तायल, प्रमोद कौशिक, यतिश गोयल, राकेश मित्तल, विनोद मिश्रा, कृष्ण वत्स, भजन सैनी, मोहित कंसल और शुभम सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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