रेवाड़ी जिला सचिवालय की वर्षों से बंद दोनों लिफ्ट चालू, बुजुर्ग-दिव्यांगों को राहत; लोक अदालत तक पहुंचा था मामला

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Rewari District Secretariat

रेवाड़ी : जिला सचिवालय में वर्षों से बंद पड़ी दोनों लिफ्ट आखिरकार चालू हो गई हैं। लिफ्टों के बंद रहने से सचिवालय में विभिन्न सरकारी कार्यालयों और दूसरी मंजिल पर स्थित बैंकों में आने वाले लोगों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता था। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बीमार और दिव्यांग लोगों को होती थी। मामला स्थायी लोक अदालत तक पहुंचने के बाद दोनों लिफ्टों को चालू कराया गया।

जिला सचिवालय में डीसी, एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट समेत कई अधिकारियों के कार्यालय हैं। इसके अलावा दूसरी मंजिल पर एसबीआई और पीएनबी की शाखाएं भी हैं। सरकारी कामकाज और बैंक संबंधी कार्यों के लिए रोजाना बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं।

लिफ्ट बंद होने के कारण लोगों को सीढ़ियों से ऊपरी मंजिलों तक जाना पड़ता था। पेंशन और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए आने वाले बुजुर्गों के साथ बीमार और दिव्यांग लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही थी। कई लोगों को उनके परिजन या सहायक सहारा देकर सीढ़ियों से ऊपर ले जाते थे।

इस समस्या को अधिवक्ता हरि सिंह ने प्रशासन के सामने उठाया। उनके अनुसार एक दिन वह किसी काम से जिला सचिवालय पहुंचे तो दोनों लिफ्ट बंद मिलीं। वहां मौजूद कई लोग सीढ़ियों से आने-जाने में हो रही परेशानी को लेकर नाराजगी जता रहे थे।

इसके बाद हरि सिंह ने डीसी रेवाड़ी को पत्र भेजकर दोनों लिफ्ट चालू कराने की मांग की। उनका कहना है कि जवाब नहीं मिलने पर रिमाइंडर भी भेजा गया। समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर मामला उठाया।

लिफ्टों की स्थिति और उनके रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदार एजेंसी की जानकारी हासिल करने के लिए आरटीआई का सहारा भी लिया गया। इसके बाद जॉनसन लिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और एसडीई, इलेक्ट्रिकल सब डिवीजन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर रेवाड़ी को पक्षकार बनाते हुए 20 अगस्त 2025 को स्थायी लोक अदालत (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज) में मामला दायर किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान लिफ्टों को दोबारा चालू कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अधिवक्ता के अनुसार 11 सितंबर 2026 को जिला सचिवालय की दोनों लिफ्ट चालू कर दी गईं।

इसके बाद 16 सितंबर 2026 को एसडीई, इलेक्ट्रिकल सब डिवीजन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर रेवाड़ी की ओर से संबंधित पत्र भी रिकॉर्ड पर रखा गया। इसके साथ लिफ्टों की तस्वीरें पेश की गईं, जिनमें दोनों को चालू हालत में दिखाया गया।

स्थायी लोक अदालत के आदेश में दोनों लिफ्टों के चालू होने और उन्हें जिला नाजिर को सौंपे जाने से संबंधित इन्वेंटरी को रिकॉर्ड पर लिए जाने का भी उल्लेख किया गया। यह रिकॉर्ड डीसी रेवाड़ी से प्रमाणित बताया गया।

स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन अजय प्रकाश और सदस्य सुदेश कुमारी की ओर से 16 सितंबर को दिए गए आदेश में कहा गया कि आवेदक ने मामला आम जनता की सुविधा के लिए उठाया था और अब समस्या का समाधान हो चुका है। ऐसे में मामले में आगे की कार्यवाही की आवश्यकता नहीं रही और फाइल को रिकॉर्ड रूम भेजने के निर्देश दिए गए।

अधिवक्ता हरि सिंह का कहना है कि उनका उद्देश्य सचिवालय आने वाले आम लोगों की परेशानी दूर कराना था। दोनों लिफ्ट चालू होने से अब विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार और दिव्यांग लोगों के साथ रोजाना विभिन्न कार्यालयों और बैंकों में आने वाले नागरिकों को राहत मिलेगी।

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