रोहतक की महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में छात्राओं के लिए 24 घंटे रीडिंग हॉल खोलने की मांग उठी है। मिशन इक्वेलिटी स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (मीशो) के प्रतिनिधियों और छात्राओं ने कुलपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए रीडिंग हॉल के समय पर लगी पाबंदी से उन्हें परेशानी होती है। मांग पर संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाने पर संगठन ने शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी दी है।
संगठन के महासचिव नकुल ने कहा कि छात्राओं को भी अपनी पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएं मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, रीडिंग हॉल चौबीस घंटे उपलब्ध नहीं होने से छात्राओं की तैयारी प्रभावित होती है। परीक्षा के दिनों में यह दिक्कत और बढ़ जाती है, जब उन्हें नियमित समय से अधिक पढ़ने की जरूरत होती है।
कुलपति से मिलने पहुंची छात्राओं ने कहा कि वे पुरुष छात्रों के समान फीस देती हैं, इसलिए शैक्षणिक सुविधाओं तक उनकी पहुंच भी समान होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्राओं के लिए पढ़ाई का समय सीमित क्यों रखा जा रहा है। उनका कहना है कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और विश्वविद्यालय की परीक्षाओं की तैयारी में रीडिंग हॉल महत्वपूर्ण है, खासकर उन छात्राओं के लिए जिन्हें पढ़ने के लिए शांत स्थान चाहिए।
छात्राओं ने अपने ज्ञापन में यूजीसी की 2015 की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए सुरक्षा के नाम पर उनकी आवाजाही पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से सुरक्षा और पढ़ाई की व्यवस्था इस तरह करने की मांग की, जिससे छात्राएं अपनी जरूरत के अनुसार रीडिंग हॉल का उपयोग कर सकें।
मीशो ने कुलपति से समस्या का समाधान करने और छात्राओं के लिए 24 घंटे रीडिंग हॉल की सुविधा शुरू करने का आग्रह किया है। संगठन ने कहा कि मांग पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो छात्राएं शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएंगी। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मांग पर किसी निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
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