हिसार के लघु सचिवालय स्थित एडीसी कार्यालय के ई-दिशा केंद्र में तैनात डेटा एंट्री ऑपरेटर विजेंद्र कुमार को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत के मामले में रंगे हाथ पकड़ा है। शिकायतकर्ता विनोद कुमार का आरोप है कि ऑपरेटर ने विधुर पेंशन बनवाने के लिए 2,500 रुपए मांगे थे। शिकायत और ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर एसीबी ने कार्रवाई की।
न्यू ऋषि नगर निवासी विनोद प्राइवेट ड्राइवर हैं और आठवीं तक पढ़े हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी कविता का 25 जनवरी 2026 को कैंसर के कारण निधन हो गया था। पत्नी के इलाज के दौरान दो ऑपरेशन और कीमोथेरेपी पर लाखों रुपए खर्च हुए। विनोद के अनुसार, इलाज के लिए ब्याज पर लिए गए पैसों की देनदारी के कारण उन्हें अपना घर भी बेचना पड़ा।
पत्नी की मौत के बाद विनोद ने सरकार की दीनदयाल योजना के तहत पांच लाख रुपए की सहायता के लिए आवेदन किया था। उनका आरोप है कि उस समय विजेंद्र ने अधिकारियों से अपनी सांठगांठ होने का दावा किया और सहायता राशि मंजूर करवाने के बदले 40 हजार रुपए मांगे।
विनोद के मुताबिक, 25 अगस्त 2026 को उनके खाते में पांच लाख रुपए आए थे। अगले दिन विजेंद्र ने दबाव बनाकर लघु सचिवालय में उनसे 40 हजार रुपए नकद लिए। पहले ली गई इस रकम का आरोप भी शिकायतकर्ता ने सामने रखा है।
विनोद ने बताया कि पत्नी के निधन के बाद उन्होंने करीब चार से पांच महीने पहले विधुर पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। पेंशन स्वीकृत नहीं होने पर वह कई बार ई-दिशा केंद्र पहुंचे, लेकिन काम नहीं हुआ। उनका आरोप है कि इसी आवेदन को मंजूर करवाने के लिए ऑपरेटर ने उनसे दोबारा पैसे मांगे।
इसके बाद विनोद ने एसीबी को शिकायत दी और मांग से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई। ब्यूरो ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर आरोपी ऑपरेटर को पकड़ लिया। मामला विधुर पेंशन के लिए कथित रिश्वत मांगने के साथ सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर पहले 40 हजार रुपए लेने के आरोप से भी जुड़ा है।
![]()











