रेवाड़ी के भाड़ावास गांव में श्मशान घाट परिसर में लगाया गया ओपन जिम विरोध के बाद हटा दिया गया है। ठेकेदार सभी मशीनें ट्राली में भरकर ले गया। पंचायत अब जिम के लिए दूसरी जगह तलाश रही है। सरपंच सुनील कुमार के अनुसार, उपयुक्त जमीन मिलने पर करीब एक सप्ताह में इसे दोबारा शुरू करने की योजना है।
शाहजहांपुर रोड पर स्थित करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि में चार महीने पहले जिम लगाया गया था। परिसर में तीन टीनशेड हैं। इनमें दो अंतिम संस्कार और एक लोगों के बैठने के लिए बनाया गया है। पंचायत ने एक टीनशेड के नीचे व्यायाम की मशीनें लगवाई थीं और टाइलें भी बिछाई थीं।
ग्रामीणों का कहना था कि मशीनों के कारण अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों के बैठने की जगह प्रभावित हो रही थी। गांव से दूर और श्मशान परिसर में होने के कारण लोग व्यायाम के लिए भी नहीं पहुंच रहे थे। उन्होंने जिम को गांव के भीतर किसी सार्वजनिक स्थान पर लगाने की मांग की थी, ताकि बच्चे, युवा और अन्य लोग उसका उपयोग कर सकें।
ग्रामीणों ने श्मशान परिसर की सफाई और कचरे की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि पंचायत को यहां मूलभूत सुविधाओं और साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए।
सरपंच सुनील कुमार ने बताया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ओपन जिम के लिए करीब 450 वर्गगज जमीन चाहिए थी। उनके मुताबिक, गांव में इतनी जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण श्मशान भूमि चुनी गई थी। निर्माण पंचायत विभाग की ग्रांट से कराया गया था।
सरपंच के अनुसार, जिम अभी पंचायत को हैंडओवर नहीं हुआ था। इसलिए हटाया गया सामान ठेकेदार के पास सुरक्षित रखवाया गया है। दूसरी जगह मिलने के बाद मशीनें वहां लगाई जाएंगी।
जिम की लागत को लेकर भी अलग-अलग बयान सामने आए हैं। डीडीपीओ नरेंद्र सारनवान ने आठ लाख रुपए खर्च होने की बात कही, जबकि सरपंच ने खर्च 1.60 लाख रुपए बताया है। इस अंतर का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। जिम हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम और एनिमेटेड वीडियो भी साझा किए जा रहे हैं।
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