हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) में बजट को लेकर विवाद बढ़ गया है। कुरुक्षेत्र स्थित मुख्य कार्यालय में बजट पास कराने के लिए बुलाई गई एग्जीक्यूटिव बैठक में 11 में से सात सदस्य पहुंचे। आवश्यक संख्या पूरी नहीं होने के कारण बजट पारित नहीं हो सका। कमेटी प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने इसके बाद अनुपस्थित चार सदस्यों के घरों के बाहर संगत के साथ धरना देने का ऐलान किया।
झींडा के अनुसार उन्होंने करीब दो घंटे तक बाकी सदस्यों का इंतजार किया, लेकिन उनकी ओर से कोई संदेश नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि चार सदस्य लगातार बजट पास होने में रुकावट डाल रहे हैं। उनका कहना है कि करीब डेढ़ साल से बजट पारित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कमेटी प्रधान ने कहा कि बजट का मामला किसी एक पदाधिकारी से जुड़ा नहीं है। इसके लंबित रहने से पूरी कमेटी और गुरुद्वारों के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसे लेकर संगत में नाराजगी है और अब संबंधित सदस्यों से सीधे जवाब मांगा जाएगा।
झींडा ने सीनियर वाइस प्रधान गुरमीत सिंह मीता, वाइस प्रधान गुरबीर सिंह, सिरसा के जगतार सिंह और नारनौंद के तजेंद्र पाल सिंह के नाम सार्वजनिक किए। उन्होंने कहा कि संगत ने इन सदस्यों को कमेटी में भेजा है, इसलिए बजट पारित नहीं होने पर उनसे सवाल पूछे जाएंगे। आरोपों पर संबंधित सदस्यों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
झींडा ने बताया कि विवाद को लेकर पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की गई थी। उनके मुताबिक खट्टर ने बजट और HSGMC के कानून में बदलाव के विषय पर विचार करने का आश्वासन दिया। झींडा ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए जल्द मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने की बात कही।
इसके अलावा उन्होंने देशभर के गुरुद्वारों के प्रबंधन के लिए समान कानून बनाने की मांग दोहराई। झींडा के अनुसार लद्दाख के उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान भी ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट का विषय उठाया गया था।
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