रेवाड़ी में सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने उठाए इलाज पर सवाल; अस्पताल का इनकार

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Rewari News

रेवाड़ी के मोहल्ला संघी का बास निवासी पूनम की रविवार को महाराजा अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद मौत हो गई। उन्होंने सुबह करीब नौ बजे बेटी को जन्म दिया था। परिजनों के अनुसार, डिलीवरी के कुछ घंटे बाद ब्लीडिंग शुरू हुई और दोबारा ऑपरेशन के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।

परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही तथा गंभीर हालत की जानकारी समय पर नहीं देने के आरोप लगाए हैं। वहीं, अस्पताल की डॉक्टर दीप्ति तनेजा ने लापरवाही से इनकार करते हुए कहा कि ब्लीडिंग रोकने के लिए उपचार किया गया था।

पूनम की छोटी बहन काजल के मुताबिक, दोपहर करीब तीन बजे तक परिवार को उनकी हालत ठीक बताई जा रही थी। इसके बाद ब्लीडिंग नहीं रुकने और दोबारा ऑपरेशन की जरूरत होने की जानकारी दी गई। काजल का आरोप है कि परिवार के बार-बार पूछने पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। उनके अनुसार, शाम करीब छह बजे पूनम को ऑक्सीजन लगाकर नीचे लाया गया और करीब आठ बजे मौत की सूचना मिली।

पति नरेंद्र यादव ने कहा कि परिवार को मुआवजा नहीं, न्याय चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि समय पर गंभीर स्थिति की जानकारी मिलती तो वे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराने का प्रयास कर सकते थे। परिवार ने उपचार प्रक्रिया और मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

डॉक्टर दीप्ति तनेजा के अनुसार, पूनम पिछले नौ महीने से उनके यहां उपचार ले रही थीं। पहला बच्चा भी ऑपरेशन से हुआ था, इसलिए इस बार सिजेरियन डिलीवरी की गई। उन्होंने बताया कि शुरुआती ऑपरेशन में कोई परेशानी नहीं हुई और मां-बच्ची स्वस्थ थीं।

डॉक्टर के मुताबिक, सुबह करीब साढ़े 11 बजे घबराहट की शिकायत पर जांच में ब्लीडिंग मिली। दवाइयों के बाद दोपहर में परेशानी दोबारा होने पर उन्हें ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। परिजनों की सहमति से सर्जन बुलाकर ब्लीडिंग रोकने की प्रक्रिया की गई और रक्त तथा एफएफपी दिए गए।

अस्पताल प्रबंधन ने मौत का कारण ‘साइलेंट अटैक’ बताया है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में मौत के कारण की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। पुलिस अस्पताल प्रबंधन से पूछताछ कर रही है।

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