हरियाणा के 657 करोड़ के बैंक घोटाले में डिलीट चैट रिकवर होने का दावा, कमीशन के बंटवारे पर विवाद का जिक्र

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Haryana Bank Scam

हरियाणा में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े कथित 657 करोड़ रुपये के घोटाले में आरोपियों के जब्त मोबाइल और लैपटॉप से डिलीट डेटा रिकवर किए जाने का दावा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वॉट्सऐप मैसेज, चैट और ऑडियो रिकॉर्डिंग में रकम के बंटवारे, कमीशन और खर्चों को लेकर विवाद का उल्लेख है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बैंक मैनेजर रिभव ऋषि, अभय सिंगला और अन्य बिचौलियों के बीच सरकारी विभागों की फिक्स्ड डिपॉजिट तोड़कर निकाली गई रकम में हिस्सेदारी को लेकर बहस होती थी। कुछ संदेशों में एक-दूसरे पर अलग से सौदे करने का शक जताने और हिस्सा समय पर देने का दबाव बनाने की बातें बताई गई हैं।

कथित रिकवर चैट के अनुसार, बिचौलिए जमीनी स्तर पर जोखिम उठाने और अधिकारियों तक नकदी पहुंचाने की जिम्मेदारी का हवाला देकर बराबर कमीशन मांग रहे थे। रिपोर्ट में भुगतान नहीं होने पर आगे काम बंद करने की बात कहे जाने का भी दावा है। अधिकारियों तक नकदी पहुंचाने संबंधी आरोपों की पुष्टि जांच से होनी बाकी है।

जीरकपुर के जेड मनोर विला तथा चंडीगढ़ और दिल्ली के लग्जरी होटलों में कथित पार्टियों के खर्च को लेकर भी विवाद का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, होटल और कैटरिंग के बिलों का भुगतान कौन करेगा, इसे लेकर आरोपियों के बीच संदेश भेजे गए थे।

रिभव ऋषि, निजी एजेंट विक्रम वाधवा और अन्य सहयोगियों के बीच बहस के बाद कुछ चैट डिलीट किए जाने की बात भी कही गई है। इन संदेशों को फॉरेंसिक तकनीक से रिकवर करने का दावा किया गया है।

रिपोर्ट में स्वाति सिंगला और अन्य कथित डमी डायरेक्टर्स से जुड़ी कंपनियों के खातों में 300 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का उल्लेख भी है। इनमें कैपको फिनटेक और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स के नाम बताए गए हैं।

रिकवर डेटा की प्रामाणिकता, संदेशों का पूरा संदर्भ और आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच तथा अदालत की कार्यवाही से होनी बाकी है।

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