हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मंगलवार को दिल्ली स्थित आवास पर अचानक तबीयत बिगड़ गई। चक्कर आने के बाद उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार और जांच शुरू की।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हुड्डा के कुछ टेस्ट और एमआरआई की गई है। बुधवार को भी कुछ अन्य जांचें किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, एम्स की ओर से अभी कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। इसलिए उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह और जांच के निष्कर्ष स्पष्ट नहीं हैं।
हुड्डा के निजी सचिव वीपी धारीवाल ने बताया कि फिलहाल उनकी तबीयत ठीक है। अस्पताल में भर्ती रहने या छुट्टी मिलने के संबंध में उपलब्ध विवरण में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
सोमवार को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन में हुड्डा शामिल नहीं हुए थे। उनके बेटे और सांसद दीपेंद्र हुड्डा प्रदर्शन में पहुंचे थे। इस अनुपस्थिति का मौजूदा स्वास्थ्य संबंधी घटना से कोई संबंध बताया नहीं गया है।
इससे पहले भी हुड्डा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण अस्पताल जा चुके हैं। मई 2012 में ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव के बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उन्हें छुट्टी मिल गई थी।
अप्रैल 2021 में कोरोना संक्रमित होने पर उनका गुरुग्राम के निजी अस्पताल में उपचार हुआ था। वहीं, फरवरी 2023 में चक्कर आने और सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अगले दिन छुट्टी मिली थी।
वर्तमान स्थिति को लेकर उनके निजी सचिव ने स्वास्थ्य ठीक होने की जानकारी दी है। विस्तृत चिकित्सकीय स्थिति पर एम्स की आधिकारिक जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
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