झज्जर जेल में 30 कैदी तैयार कर रहे आटा, एक साल के अनुबंध के तहत गुरुग्राम में सप्लाई

5
Jhajjar District Jail

झज्जर। जिला जेल में तैयार किया जा रहा आटा अब गुरुग्राम तक पहुंच रहा है। जेल परिसर में मशीनों से गेहूं की पिसाई के काम में करीब 30 कैदी लगे हुए हैं। एक फर्म ने जेल के साथ एक साल का अनुबंध किया है, जिसके तहत तैयार आटे की आपूर्ति की जा रही है। काम करने वाले कैदियों को उनके श्रम के बदले पारिश्रमिक भी मिलता है।

जेल परिसर में गेहूं की पिसाई के लिए मशीनों की व्यवस्था की गई है। यहां तैयार होने वाला आटा संबंधित फर्म के माध्यम से गुरुग्राम भेजा जाता है। इस व्यवस्था से कैदियों को जेल में रहते हुए काम करने और कमाई का अवसर मिल रहा है।

जेल सुपरिंटेंडेंट सेवा सिंह के अनुसार, इस गतिविधि का उद्देश्य कैदियों को श्रम आधारित कामकाज से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि करीब 30 कैदी आटा तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल हैं और उन्हें मेहनत के बदले भुगतान किया जाता है।

इस काम से मिलने वाला व्यावहारिक अनुभव कैदियों के पुनर्वास में भी सहायक हो सकता है। नियमित कामकाज उन्हें जिम्मेदारी निभाने और कार्य प्रक्रिया समझने का अवसर देता है। जेल से बाहर आने के बाद रोजगार तलाशने और सामान्य जीवन में लौटने के दौरान यह अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।

आटे की सप्लाई के साथ जेल की रोटी को शुभ मानने की धारणा भी चर्चा में है। कुछ लोग इस मान्यता के चलते जेल से रोटी लाकर खाना अच्छा मानते हैं। हालांकि, इसे धार्मिक या व्यक्तिगत विश्वास के रूप में ही देखा जाना चाहिए; इससे किसी विशेष लाभ की पुष्टि नहीं होती।

सेवा सिंह ने भी इस मामले में मान्यता और व्यावसायिक व्यवस्था, दोनों पहलुओं का उल्लेख किया। उनके अनुसार, कुछ लोगों की आस्था मांग का एक कारण हो सकती है, लेकिन गुरुग्राम तक आटे की आपूर्ति फर्म के साथ हुए अनुबंध के तहत की जा रही है। इस पहल का प्रमुख पक्ष कैदियों को काम और पारिश्रमिक से जोड़ना है।

Loading