मोबाइल और इंडोर गेम्स की आदत से बच्चों की हड्डियों पर असर, डॉक्टरों ने दी पोषण और आउटडोर खेलों की सलाह

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Faridabad News

फरीदाबाद। मोबाइल, टीवी और इंडोर गेम्स में अधिक समय बिताने तथा बाहर खेलने और धूप में समय बिताने की कमी से बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खानपान की गलत आदतें भी बच्चों में हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा रही हैं। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन तथा दूध, दही और हरी सब्जियों से दूरी के कारण बच्चों को आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाते। इसके अलावा बढ़ता वजन घुटनों और कूल्हों के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। विश्व बाल हड्डी और जोड़ दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने बच्चों के स्वस्थ शारीरिक विकास के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर उपचार को आवश्यक बताया। बीके अस्पताल के सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि हर साल 19 अक्टूबर को विश्व बाल हड्डी और जोड़ दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों में हड्डियों और जोड़ों से संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा अभिभावकों को सही पोषण और शारीरिक गतिविधियों के महत्व के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठकर मोबाइल या लैपटॉप देखने से बच्चों का पोश्चर बिगड़ सकता है और पीठ दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एकॉर्ड अस्पताल के चेयरमैन एवं आर्थोपेडिक और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. युवराज कुमार ने बताया कि किशोरावस्था, विशेषकर 15 से 18 वर्ष की उम्र में शारीरिक विकास तेजी से होता है। इस दौरान कैल्शियम और विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी है। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है, जिससे हड्डियों को मजबूती मिलती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में हर महीने तीन से चार बच्चों में विटामिन डी की कमी के लक्षण सामने आते हैं। पोषण की कमी से हड्डियों की कमजोरी और विकास संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में घुटनों का अंदर या बाहर की ओर मुड़ना, फ्लैट फीट यानी चपटे पैर और जोड़ों में सूजन जैसी समस्याएं भी देखने को मिलती हैं। जुवेनाइल इडियोपैथिक आर्थराइटिस के कारण बच्चों के जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न हो सकती है। हालांकि, इन सभी समस्याओं का कारण केवल कैल्शियम या विटामिन डी की कमी नहीं होता। डॉक्टरों ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों को नियमित रूप से आउटडोर खेलों के लिए प्रोत्साहित करें और उनके भोजन में दूध, दही, हरी सब्जियां तथा अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। यदि बच्चे को लगातार हड्डियों या पैरों में दर्द, जोड़ों में सूजन अथवा चलने-फिरने में परेशानी हो तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सक से जांच करवाएं।

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