हरियाणा के पानीपत में सड़क हादसे के बाद लगी मामूली चोट को नजरअंदाज करना 42 वर्षीय ऑटो चालक राजू के लिए जानलेवा साबित हुआ। काबड़ी रोड पर ट्राली से ऑटो टकराने के बाद उसके पेट में दर्द शुरू हुआ था। शुरुआत में दवा लेने से कुछ समय के लिए राहत मिली, लेकिन अंदरूनी चोट गंभीर होने के कारण उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, न्यू रामपुरा निवासी राजू ऑटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। काबड़ी रोड पर उसका ऑटो एक ट्राली से टकरा गया था। हादसे में उसे मामूली चोट लगी थी, इसलिए उसने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ समय बाद पेट में दर्द होने लगा तो उसने दवा ली, जिससे अस्थायी रूप से आराम मिल गया।
अगले दिन भी पेट में दर्द बना रहा। इस पर राजू ने दोबारा दवा ली, लेकिन कुछ देर बाद फिर से तकलीफ शुरू हो गई। हालत को देखते हुए परिजन उसे सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के लिए अल्ट्रासाउंड करवाया। जांच में उसकी आंत फटी होने की बात सामने आई। इसके बाद उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद राजू की जान नहीं बचाई जा सकी।
राजू की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके परिवार में दो बेटे हैं, जिनकी उम्र महज 8 और 7 साल है। वह अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था और ऑटो चलाकर घर का खर्च उठाता था।
परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा छिन जाने से अब पत्नी और दोनों बच्चों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
![]()











