ऑनलाइन ट्रांसफर के बदले 1 लाख की मांग का मामला, CM सैनी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
हरियाणा सरकार के श्रम विभाग में भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला सामने आया है। विभाग पर आरोप है कि एक कर्मचारी से ऑनलाइन ट्रांसफर के बदले 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। यह विभाग राज्य के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज के अधीन आता है, जिसके चलते मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उससे मनचाहे स्थान पर ऑनलाइन ट्रांसफर करवाने के नाम पर मोटी रकम की मांग की गई। कर्मचारी ने इस पूरे मामले की शिकायत उच्च स्तर पर की, जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री नायब सैनी तक पहुंचा। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है और किसी भी विभाग या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। CM सैनी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस मामले के सामने आने के बाद श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि जब ऑनलाइन सिस्टम लागू होने के बावजूद ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है, तो यह सिस्टम की विफलता और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को दर्शाता है।
वहीं, श्रम विभाग के स्तर पर भी आंतरिक जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिश्वत की मांग किस स्तर पर और किन लोगों द्वारा की गई। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह के मामले पहले भी सामने आए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा है, क्योंकि मंत्री अनिल विज पहले भी कई बार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त बयान देते रहे हैं। ऐसे में अब कार्रवाई किस स्तर तक होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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