देश में वायु प्रदूषण में दूसरे नंबर पर, हवा बनी जहरीली

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Panipat Air Pollution

AQI मीटर बंद और निर्माण कार्य जारी, ग्रैप-3 लागू होने के बावजूद PCB की लापरवाही उजागर

हरियाणा के पानीपत शहर ने एक बार फिर देश में वायु प्रदूषण के मामलों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, पानीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है, जिससे वहां की हवा बेहद अस्वस्थ और जहरीली हो गई है। विशेषज्ञों ने बताया कि शहर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण औद्योगिक धुएं, निर्माण कार्य और यातायात के बढ़ते स्तर हैं।

विशेष चिंता की बात यह है कि शहर के AQI मीटर कई दिनों से बंद पड़े हैं, जिससे वास्तविक समय में वायु की गुणवत्ता की निगरानी नहीं हो पा रही। इसके चलते नागरिकों को भी प्रदूषण की गंभीरता का सही अंदाजा नहीं हो पा रहा। निर्माण कार्यों को रोकने के बजाय जारी रखने से धूल और पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा लगातार बढ़ रही है।

हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) द्वारा लागू ग्रैप-3 (ग्रामीण एवं औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण दिशा-निर्देश) के बावजूद नियमों का पालन न होने की वजह से स्थिति और गंभीर हो गई है। PCB की लापरवाही और नियामक तंत्र की कमज़ोरी के चलते पानीपत की हवा नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वायु प्रदूषण से सांस की बीमारी, एलर्जी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

नगर निगम और प्रशासन को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। शहर में निर्माण कार्यों पर रोक, AQI मीटर की मरम्मत और औद्योगिक धुएं पर सख्त नियंत्रण से वायु की गुणवत्ता में सुधार संभव है। साथ ही, लोगों को मास्क और एयर प्यूरीफायर जैसे सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।

सामाजिक संगठन और नागरिक भी प्रदूषण को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे हैं। पानीपत की हवा की अस्वस्थ स्थिति ने सरकार और नागरिकों दोनों के लिए चेतावनी का काम किया है कि बिना ठोस कदम उठाए शहर की जनता गंभीर स्वास्थ्य संकट का सामना कर सकती है।

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