दिल्ली कॉल सेंटर संचालित करने वाले 4 आरोपी और हरिद्वार से पकड़ा बैंक अकाउंट सप्लायर
चंडीगढ़ पुलिस ने क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के नाम पर चल रहे फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। जांच में पता चला कि इस मामले में चार आरोपी दिल्ली से कॉल सेंटर चला रहे थे और लोगों को क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के बहाने ठग रहे थे। इसके अलावा, हरिद्वार से एक व्यक्ति को बैंक अकाउंट सप्लायर के रूप में पकड़ा गया, जो इस फ्रॉड में अहम भूमिका निभा रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कॉल सेंटर संचालक लोगों को फोन करके उनका बैंक विवरण मांगते थे और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने का झांसा देते थे। इसके बदले में वे बैंक की संवेदनशील जानकारी हासिल कर विभिन्न लेन-देन करते थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले बैंक अकाउंट को सप्लायर के जरिए तैयार करवा रहे थे, ताकि ट्रेस करना मुश्किल हो।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास कंप्यूटर, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कॉल सेंटर और ऑनलाइन धोखाधड़ी में किया जा रहा था। अब तक पुलिस ने कई पीड़ितों की शिकायत दर्ज की है और उनकी आर्थिक हानि का आकलन किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को अपनी बैंक और क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक और वित्तीय संस्थानों की ओर से आने वाले कॉल और मैसेज की सत्यता जांचना जरूरी है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया है। साथ ही, डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए प्रशासन और बैंकिंग संस्थाओं को भी सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि क्रेडिट और बैंकिंग फ्रॉड के मामलों में कानून पूरी सख्ती से कदम उठाने के लिए तैयार है।
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